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गुजरात में मरीजों को दवा न देने पर कार्रवाई, स्वास्थ्य मंत्री ने फार्मासिस्ट पर लिया सख्त एक्शन

खबर का सार

गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने मरीजों को दवाएं न देने के आरोप में फार्मासिस्ट के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रारंभिक जांच के बाद विभागीय जांच और तबादले की कार्रवाई की गई।

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गांधीनगर , 18 मई

गुजरात सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए एक फार्मासिस्ट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री Prafull Pansheriya ने मरीजों को दवाएं उपलब्ध न कराने के मामले में तत्काल जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, गांधीनगर में सरकारी चिकित्सा केंद्रों पर दवाओं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद था। इसके बावजूद कई मरीजों को जरूरी दवाएं नहीं मिल पाने की शिकायतें सामने आई थीं। मामले को गंभीर मानते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल जांच के आदेश दिए।

प्रारंभिक जांच में लापरवाही के संकेत

अधिकारियों द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में पाया गया कि दवाओं की उपलब्धता में कोई कमी नहीं थी, लेकिन मरीजों तक दवाओं का उचित वितरण नहीं हो पा रहा था। इसके बाद विसनगर में तैनात जूनियर फार्मासिस्ट प्रशांत श्रीमाली के कार्य व्यवहार और जिम्मेदारियों को लेकर सवाल उठे।

जांच के आधार पर प्रशांत श्रीमाली का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि पूरे मामले की विस्तार से जांच की जा सके और जवाबदेही तय हो सके।

स्वास्थ्य विभाग ने दोहराई सख्ती की नीति

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने कहा कि सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों को बिना किसी परेशानी के दवाएं और इलाज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा ड्यूटी में लापरवाही, उपेक्षा या मरीजों के साथ गलत व्यवहार पाए जाने पर भविष्य में भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही पर सरकार का जोर

गुजरात सरकार ने दोहराया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही और अनुशासन बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य भर में सरकारी चिकित्सा केंद्रों पर दवाओं की निर्बाध आपूर्ति और उचित वितरण सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, मरीजों का कल्याण और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की स्वास्थ्य नीतियों का प्रमुख हिस्सा है।

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