Update on NQAS: भारत सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा लागू किए गए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों (NQAS) के तहत देशभर में 24,364 स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रमाणित की गई हैं।
NQAS की शुरुआत जिला अस्पतालों में की गई थी, लेकिन अब इसे उप-जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएएम)-शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), और उप-केंद्रों (एसएचसी) तक विस्तारित कर दिया गया है।
डिजिटल तकनीक से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
28 जून 2024 को एएएम-एसएचसी के लिए वर्चुअल मूल्यांकन शुरू किया गया, जिससे प्रमाणन प्रक्रिया आसान और तेज़ हो गई। वर्चुअल मूल्यांकन के बाद 10% केंद्रों का ऑनसाइट सत्यापन भी किया जाएगा। इस पहल से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्वास्थ्य सेवा वितरण की दक्षता में वृद्धि हुई है।
प्रयोगशाला परीक्षण की सटीकता बढ़ाने के लिए नया कदम
इसी दिन, एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं (आईपीएचएल) के लिए भी एनक्यूएएस मानकों की शुरुआत की गई। प्रयोगशालाओं की सटीकता और गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से अगस्त 2024 में प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण (टीओटी) कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य और जिला स्तर के अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।
एनक्यूएएस का लक्ष्य रोगी अधिकार, नैदानिक देखभाल, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाना है। इस पहल से रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त होंगी और जनता का भरोसा मजबूत होगा।