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Indian Surgical Market: तेजी से बढ़ रहा भारत का सर्जिकल बाजार, हर साल 18% की हो रही बढ़ोत्तरी

Indian Surgical Market: हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में तकनीकी उन्नति और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती पहुंच से सर्जिकल बाजार को तेजी से बढ़ावा मिल रहा है। इसमें कहा गया है कि देश का स्वास्थ्य क्षेत्र बड़े बदलावों से गुजर रहा है, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाली और किफायती सर्जिकल प्रक्रियाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।
भारत में हर साल लगभग तीन करोड़ सर्जरी की जाती हैं, जिसमें सामान्य सर्जरी और प्रसूति एवं स्त्री रोग सबसे प्रमुख स्पेशलिटी के रूप में उभर रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में रोबोटिक सर्जरी (आरएएस) को अपनाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, और न्यूनतम इनवेसिव (छोटी चीरा लगाकर की जाने वाली) सर्जरी को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा, छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाएं तेजी से पहुंच रही हैं, जिससे अधिक लोगों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में इस बदलाव का एक बड़ा कारण मेडिकल टूरिज्म का बढ़ना भी है। भारत में कई विदेशी मरीज सर्जरी करवाने आ रहे हैं क्योंकि यहां उन्हें कम लागत में बेहतरीन चिकित्सा सेवाएं मिल रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत का सर्जिकल बाजार फिलहाल 55 अरब डॉलर का है और इसमें लगातार वृद्धि हो रही है। तकनीकी प्रगति और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के कारण इस क्षेत्र में और तेजी आने की उम्मीद जताई गई है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत में रोबोटिक सर्जरी का बाजार 18 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ रहा है और वित्त वर्ष 2029 तक इसका मूल्य 68 करोड़ डॉलर तक पहुंच सकता है। इसी तरह, सर्जिकल इम्प्लांट (शरीर में लगाए जाने वाले कृत्रिम अंग या उपकरण) और डिस्पोजेबल चिकित्सा उपकरणों का बाजार 2030 तक 88,700 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। इनमें से घाव प्रबंधन सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र माना जा रहा है।
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