NEET Fraud: तीसरा आरोपी स्वास्थ्य अधिकारी, भूमिका संदिग्ध
पुलिस ने जांच में पाया कि इस पूरे फर्जीवाड़े की साजिश में डॉ. सुभाष सैनी नाम के स्वास्थ्य अधिकारी की भी अहम भूमिका रही है। सैनी वर्तमान में नागौर के घाटवा में स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
NEET Fraud: 60 लाख में तय हुआ था सौदा
पुलिस के अनुसार, यह फर्जीवाड़ा करीब ₹60 लाख में तय हुआ था, ताकि डमी कैंडिडेट नीट पास कर सके। पूछताछ में यह भी सामने आया कि डॉ. सैनी ने साल 2013 में NEET-PG परीक्षा में भी ₹65 लाख लेकर किसी को पास करवाने की कोशिश की थी, जिसमें पुलिस ने तब छह लोगों को गिरफ्तार किया था।
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AIIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एडमिशन की पारदर्शिता पर सवाल
इस मामले के उजागर होने के बाद NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा की प्रणाली और निगरानी पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। खासकर AIIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में एक डमी कैंडिडेट के जरिए दाख़िला मिलना शिक्षा व्यवस्था की साख पर सवाल खड़े करता है।
पुलिस की कार्रवाई जारी, और गिरफ्तारियां संभव
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की तफ्तीश जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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