“आपकी जानकारी स्वस्थ करे, आपका अनुसंधान नवाचार करे और आपकी सेवा प्रेरणा दे”: उपराष्ट्रपति का युवा स्नातकों से आग्रहउपराष्ट्रपति का युवा चिकित्सा पेशेवरों से दक्षता, करुणा और चरित्र को अपना मार्गदर्शक सिद्धांत बनाने का आग्रह“जनजातीय और ग्रामीण समुदायों की गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और उच्च शिक्षा तक पहुंच, विकसित भारत के दृष्टिकोण का प्रमुख आधार है”: उपराष्ट्रपति“एम्स देवघर संतुलित और समावेशी विकास की कल्पना को दर्शाता है”: उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज झारखंड के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), देवघर के दूसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया और स्नातक होने वाले डॉक्टरों, नर्सों तथा स्वास्थ्य पेशेवरों को बधाई दी। इस दीक्षांत समारोह को संथाल परगना क्षेत्र की आकांक्षाओं का उत्सव बताते हुए उन्होंने कहा कि एम्स देवघर जनजातीय और ग्रामीण समुदायों के लिए चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बढ़ते अवसरों का प्रतीक है।
Vice President Shri C. P. Radhakrishnan graced the Second Convocation of AIIMS Deoghar in Jharkhand today. Highlighting AIIMS Deoghar as a symbol of balanced and inclusive development, the Vice-President emphasised that access to quality healthcare and medical education must reach every corner of the country.
भगवान बिरसा मुंडा, सीधो-कान्हू और तिलका मांझी की विरासत का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने स्नातकों से आग्रह किया कि वे अपने ज्ञान को संस्थान की सीमाओं से परे ले जाएं और गांवों, आदिवासी समुदायों तथा देश के सबसे दूरदराज के क्षेत्रों में सेवा प्रदान करें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा संबंधी जानकारी का सर्वोच्च उद्देश्य समाज की सेवा करना है। उन्होंने युवा पेशेवरों से दक्षता, सत्यनिष्ठा, सहानुभूति और नैतिक आचरण के मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चिकित्सा की डिग्री केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि वंचितों और कमजोर वर्गों की करुणा एवं समर्पण के साथ सेवा करने का कर्तव्य भी है।
उपराष्ट्रपति ने क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में एम्स देवघर के योगदान की सराहना की। उन्होंने मलेरिया उन्मूलन, लसीका फाइलेरिया की निगरानी, एनीमिया, श्रवण स्वास्थ्य और विद्यालय स्वास्थ्य से संबंधित संस्थान की सामुदायिक पहुंच पहलों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि एक चिकित्सा संस्थान का दायित्व उसके परिसर की सीमाओं से कहीं आगे तक होता है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या वर्ष 2014 से पहले के 387 से बढ़कर 846 हो गई है। उन्होंने कहा कि एम्स देवघर जैसे संस्थान संतुलित और समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रत्येक राज्य, जिले और गांव में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तथा उच्च शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है।
उपराष्ट्रपति ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि स्नातक होने वाले 173 विद्यार्थियों में से 132 छात्राएं थीं। उन्होंने कहा कि यह महिला सशक्तिकरण से आगे बढ़कर महिला-नेतृत्व वाले विकास की दिशा में देश की प्रगति को दर्शाता है। साथ ही, यह महिलाओं को अपनी क्षमताओं को साकार करने में सक्षम बनाने में शिक्षा की परिवर्तनकारी भूमिका को भी रेखांकित करता है।
स्नातकों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने उनसे उन समुदायों के साथ जुड़े रहने का आग्रह किया, जिनकी सेवा के लिए इस संस्थान की स्थापना की गई है। उन्होंने उभरती प्रौद्योगिकियों को जिम्मेदारी से अपनाने तथा यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, टेलीमेडिसिन और डिजिटल निदान के क्षेत्र में हुई प्रगति का लाभ शहरों के साथ-साथ दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी पहुंचे। उन्होंने युवा पीढ़ी के बीच “नशे को ना” का संदेश प्रसारित करने का भी आह्वान किया और रोगियों की करुणापूर्ण देखभाल में नर्सिंग पेशेवरों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।
उपराष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि यह संस्थान झारखंड और व्यापक पूर्वी क्षेत्र के लिए नैदानिक उत्कृष्टता, वैज्ञानिक अनुसंधान तथा करुणापूर्ण सेवा केन्द्र के रूप में निरंतर प्रगति करता रहेगा। उन्होंने स्नातकों से अपने व्यावसायिक जीवन में दक्षता, करुणा और चरित्र को मार्गदर्शक सिद्धांत बनाने तथा विकसित भारत के निर्माण में सार्थक योगदान देने का आग्रह करते हुए अपने संबोधन का समापन किया।
दीक्षांत समारोह में झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार; केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव; झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी; लोकसभा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे; राज्यसभा सांसद श्री प्रदीप कुमार वर्मा; देवघर के विधायक श्री सुरेश पासवान; एम्स देवघर की अध्यक्ष प्रोफेसर एम. वी. पद्मा श्रीवास्तव; तथा एम्स देवघर के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रोफेसर नितिन एम. गंगाने सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, संकाय सदस्य, स्नातक विद्यार्थी और उनके परिवारजन उपस्थित थे।
पीके/केसी/आरटी/केपी
स्रोत: Press Information Bureauस्रोत की तारीख: 10-10-2026 14:24 IST
चित्र: Medical Reporter का विषय-आधारित सांकेतिक चित्रण; वास्तविक आयोजन या व्यक्ति की तस्वीर नहीं।

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