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PMLA Case: Supreme Court ने Punjab Minister की जांच AIIMS Medical Board को क्यों सौंपी?

Supreme Court ने PMLA Case में Punjab के Cabinet Minister की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए AIIMS Medical Board से स्वास्थ्य परीक्षण कराने का निर्देश दिया है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की सुनवाई होगी।

PMLA Case

नई दिल्ली, 20 जुलाई 2026

Supreme Court ने कथित Mobile Export PMLA Case में गिरफ्तार Punjab के Cabinet Minister Sanjeev Arora की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके स्वास्थ्य की स्वतंत्र मेडिकल जांच कराने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने AIIMS, New Delhi के Director को विशेषज्ञ डॉक्टरों का एक Medical Board गठित करने का निर्देश दिया है, जो Sanjeev Arora की स्वास्थ्य स्थिति का विस्तृत परीक्षण करेगा। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही अदालत अंतरिम जमानत याचिका पर आगे विचार करेगी।

AIIMS Medical Board आज करेगा स्वास्थ्य परीक्षण

Supreme Court ने आदेश दिया कि AIIMS का Medical Board संबंधित मंत्री की मेडिकल हिस्ट्री, वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यक उपचार की जरूरत का विस्तृत मूल्यांकन करेगा। अदालत ने यह भी कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में यह स्पष्ट रूप से बताया जाए कि क्या संबंधित व्यक्ति की बीमारी ऐसी है, जिसके कारण उन्हें विशेष उपचार या ऐसी चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता है जो जेल में उपलब्ध नहीं है। कोर्ट ने रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं ताकि अंतरिम जमानत याचिका पर आगे विचार किया जा सके।

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Medical Grounds पर मांगी गई है Interim Bail

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति गंभीर है और उन्हें निरंतर विशेषज्ञ चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है। इसी आधार पर अंतरिम जमानत की मांग की गई है। दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मांग का विरोध किया। Supreme Court ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि स्वास्थ्य संबंधी दावों का निष्पक्ष मूल्यांकन केवल विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड ही कर सकता है, इसलिए AIIMS से जांच कराना उचित होगा।

Medical Report के बाद होगी अगली सुनवाई

Supreme Court ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उसने अंतरिम जमानत पर कोई राय नहीं बनाई है। अदालत का अंतिम निर्णय AIIMS Medical Board की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद लिया जाएगा। यदि रिपोर्ट में गंभीर चिकित्सीय स्थिति सामने आती है, तो उसी के आधार पर अंतरिम राहत पर विचार किया जाएगा। फिलहाल मामला मेडिकल मूल्यांकन के चरण में है और अगली सुनवाई रिपोर्ट दाखिल होने के बाद होगी।

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दीपक अरोड़ा

पत्रकार (BAJMC ,LLB ) सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।