सहारनपुर, 23 जुलाई 2026
Saharanpur में पशुओं को खुरपका-मुंहपका (Foot and Mouth Disease-FMD) जैसी संक्रामक बीमारी से बचाने के लिए 45 दिवसीय विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। Amar Ujala के अनुसार, पशुपालन विभाग जिले के करीब 5.5 लाख गोवंशीय और महिषवंशीय पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण करेगा। इसके लिए 11 विकासखंडों में 32 टीकाकरण टीमों का गठन किया गया है, जो गांव-गांव और घर-घर जाकर पात्र पशुओं को वैक्सीन लगाएंगी। अभियान का उद्देश्य पशुधन को संक्रामक रोग से सुरक्षित रखना और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से बचाना है।
11 ब्लॉकों में अभियान
टीकाकरण अभियान जिले के सभी 11 विकासखंडों में चलाया जाएगा। प्रत्येक टीम गांवों में जाकर पात्र पशुओं की पहचान करेगी और मौके पर ही मुफ्त टीकाकरण करेगी। जिन पशुओं के कान में पहचान टैग नहीं लगे हैं, उन्हें पहले टैग किया जाएगा और उनका विवरण भारत पशुधन App पर दर्ज किया जाएगा। इससे पशुओं का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा और भविष्य में टीकाकरण व स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी आसान होगी। पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि वे टीकाकरण टीमों का पूरा सहयोग करें।
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इन पशुओं को नहीं लगेगा टीका
रिपोर्ट के मुताबिक, चार माह से कम आयु के बछड़ों और आठ माह से अधिक गर्भित गाय एवं भैंसों को FMD का टीका नहीं लगाया जाएगा। इनके अलावा सभी पात्र गोवंशीय और महिषवंशीय पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। पशुपालन विभाग के अनुसार, FMD एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो पशुओं के मुंह और खुर को प्रभावित करती है। इससे दूध उत्पादन प्रभावित हो सकता है और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
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पशुपालकों से अपील
अधिकारियों ने पशुपालकों से अपील की है कि जब टीकाकरण दल उनके गांव या घर पहुंचे तो वे पूरा सहयोग करें। विभाग का लक्ष्य निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पात्र पशुओं का टीकाकरण पूरा करना है। अभियान के दौरान प्रत्येक टीकाकरण का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे भविष्य में पशुओं की स्वास्थ्य निगरानी और रोग नियंत्रण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। विभाग का मानना है कि व्यापक टीकाकरण से FMD संक्रमण का खतरा कम होगा और पशुधन की उत्पादकता के साथ किसानों की आय की सुरक्षा में भी मदद मिलेगी।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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