नई दिल्ली, 5 अगस्त 2026
एक नई Research Review में दावा किया गया है कि कई लोगों, विशेषकर कम शारीरिक गतिविधि करने वाले वयस्कों के लिए Protein Intake कम करना Healthy Aging को बढ़ावा देने में मददगार हो सकता है। शोधकर्ताओं ने 350 से अधिक वैज्ञानिक अध्ययनों की समीक्षा के आधार पर कहा कि सीमित मात्रा में Protein Intake शरीर के Metabolism, Cellular Repair और सूजन से जुड़े जैविक तंत्र पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। हालांकि यह निष्कर्ष मुख्य रूप से समीक्षा पर आधारित हैं और इन्हें सीधे सभी लोगों पर लागू नहीं किया जा सकता।
Protein Intake और Aging के बीच क्या है संबंध?
शोधकर्ताओं के अनुसार, अधिक Protein Intake, विशेषकर कुछ विशेष Amino Acids जैसे Methionine, Isoleucine और Valine, शरीर में ऐसे जैविक मार्गों को सक्रिय कर सकते हैं जो उम्र बढ़ने, सूजन और Metabolic बदलावों से जुड़े हो सकते हैं। समीक्षा में सुझाव दिया गया कि सीमित Protein Intake से FGF21 नामक हार्मोन की सक्रियता बढ़ सकती है, जो ऊर्जा उपयोग, Blood Sugar नियंत्रण और कोशिकाओं की मरम्मत से जुड़ी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। हालांकि विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि इन संभावित प्रभावों की पुष्टि के लिए मानवों पर और बड़े अध्ययन आवश्यक हैं।
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हर व्यक्ति के लिए नहीं है एक जैसी सलाह
विशेषज्ञों ने कहा कि Protein Intake कम करने की सलाह सभी लोगों के लिए उपयुक्त नहीं है। एथलीट, नियमित व्यायाम करने वाले लोग, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और अधिक Protein की आवश्यकता वाले व्यक्तियों के लिए पर्याप्त Protein Intake अभी भी जरूरी माना जाता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि Protein की जरूरत उम्र, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार तय की जानी चाहिए। इसलिए बिना डॉक्टर या Dietitian की सलाह के अपने दैनिक Protein Intake में बड़ा बदलाव करना उचित नहीं होगा।
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Research को लेकर क्या बरतनी चाहिए सावधानी?
विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अध्ययन एक Review है, जिसमें पहले से प्रकाशित अध्ययनों का विश्लेषण किया गया है। यह कोई नया Clinical Trial नहीं है जो सीधे यह साबित करता हो कि Protein Intake कम करने से इंसानों की उम्र बढ़ती है। फिलहाल उपलब्ध साक्ष्य यह संकेत देते हैं कि कुछ परिस्थितियों में सीमित Protein Intake लाभदायक हो सकती है, लेकिन इसके दीर्घकालिक प्रभावों को समझने के लिए और वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है। इसलिए किसी भी Diet में बदलाव व्यक्तिगत स्वास्थ्य जरूरतों और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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