दूसरे संस्थानों से की तुलना
प्रदर्शन कर रहे MBBS Interns का कहना है कि देश के कई प्रमुख मेडिकल संस्थानों और अन्य राज्यों में इंटर्न्स को उत्तर प्रदेश की तुलना में अधिक Stipend दिया जाता है। उनका तर्क है कि समान कार्य और जिम्मेदारियों के बावजूद भुगतान में बड़ा अंतर है। इंटर्न्स का कहना है कि वे नियमित रूप से मरीजों की देखभाल, इमरजेंसी ड्यूटी और अन्य चिकित्सकीय कार्यों में योगदान देते हैं, इसलिए RML Lucknow सहित राज्य के मेडिकल कॉलेजों में Stipend बढ़ाया जाना चाहिए।यह भी पढ़ें: Delhi Medical Procurement Scam: Former CPA Head ने Bail के लिए Court का किया रुख...
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान इंटर्न्स ने संबंधित अधिकारियों के माध्यम से शासन तक अपनी मांग पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर समयबद्ध निर्णय नहीं लिया गया, तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया और इंटर्न्स ने Stipend संशोधन को लेकर सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद जताई। RML Lucknow के छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल उचित आर्थिक सहायता सुनिश्चित कराना है।
UP में लंबे समय से उठ रही मांग
उत्तर प्रदेश के विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS Intern Stipend बढ़ाने की मांग पिछले कुछ समय से लगातार उठ रही है। कई मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न्स ₹30,000 प्रति माह Stipend की मांग कर चुके हैं। उनका कहना है कि वर्तमान भुगतान उनके कार्यभार और जीवन-यापन की लागत के अनुरूप नहीं है। इसी मांग को लेकर हाल के दिनों में राज्य के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में भी प्रदर्शन देखने को मिले हैं।यह भी पढ़ें: Ambala Doctor Death: Polyclinic के बाहर डॉक्टर का शव मिलने से सनसनी, Police जांच में जुटी
दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB ) सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।

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