नई दिल्ली, 31 जुलाई 2026
Medical Counselling Committee (MCC) ने NEET UG Counselling 2026 के लिए कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। इस बार सबसे अधिक चर्चा NRI Admission Rules में किए गए संशोधनों को लेकर है। इसके अलावा One-Time Physical Reporting, Online Resignation, Digital Document Verification और Counselling प्रक्रिया को पूरी तरह अधिक पारदर्शी एवं छात्र-अनुकूल बनाने के लिए भी कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। नए नियमों का उद्देश्य छात्रों की अनावश्यक भागदौड़ कम करना, दस्तावेज सत्यापन को आसान बनाना और Counselling प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।
NRI Admission प्रक्रिया हुई आसान
MCC ने NRI Quota के तहत Admission प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सरल बनाया है। अब NRI श्रेणी के उम्मीदवारों को आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के लिए बार-बार संस्थानों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। वे अपने जरूरी Documents को Online Upload कर सकेंगे, जिससे Verification प्रक्रिया तेज और अधिक पारदर्शी होगी। इस बदलाव से देश के बाहर रहने वाले भारतीयों और NRI प्रायोजित उम्मीदवारों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है। MCC का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से दस्तावेजों की जांच समय पर पूरी होगी और Counselling प्रक्रिया में देरी की संभावना भी कम होगी।
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One-Time Physical Reporting और Online Resignation लागू
MCC ने Counselling प्रक्रिया में One-Time Physical Reporting का नियम भी लागू किया है। इसके तहत यदि कोई उम्मीदवार Counselling के किसी Round में सीट प्राप्त करने के बाद अगले Round में Upgrade का विकल्प चुनता है, तो उसे हर बार नए Medical College जाकर रिपोर्ट करने की आवश्यकता नहीं होगी। अंतिम रूप से सीट तय होने के बाद ही Physical Reporting करनी होगी। इसके अलावा Online Resignation की सुविधा भी शुरू की गई है। अब उम्मीदवार MCC Portal के माध्यम से ही अपनी सीट छोड़ सकेंगे और इसके लिए संबंधित College में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे छात्रों का समय और खर्च दोनों कम होंगे।
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Digital Counselling से बढ़ेगी पारदर्शिता
MCC ने Counselling प्रक्रिया में Digital Verification System को और मजबूत किया है। दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच, सुरक्षित डेटा प्रबंधन और Cyber Security पर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही Counselling से जुड़े अधिकारियों और Medical Colleges को नए सिस्टम के संचालन के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। MCC के अनुसार इन सुधारों का उद्देश्य छात्रों को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक Admission प्रक्रिया उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद उम्मीदवारों को सीट आवंटन, दस्तावेज सत्यापन और अन्य प्रक्रियाओं में पहले की तुलना में कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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