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FMGE June 2026: NBE एक्सपर्ट कमेटी ने ग्रेस मार्क्स की मांग खारिज की, फीस और एग्जाम पैटर्न पर राहत

FMGE June 2026 विवाद में NBE Expert Committee ने Grace Marks की मांग स्वीकार नहीं की। Panel ने Exam Fee की समीक्षा, Answer Key में transparency और FMGE को साल में तीन बार कराने की feasibility जांचने की सिफारिश की।

FMGE
नई दिल्ली, 22 अगस्त 2026

FMGE June 2026 की परीक्षा को लेकर फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMGs) के विरोध के बीच नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) की एक्सपर्ट कमेटी ने अपनी सिफारिशें जारी कर दी हैं। कमेटी ने वीडियो-बेस्ड सवालों और परीक्षा के कठिन स्तर के बदले छात्रों को ग्रेस मार्क्स या मुआवजा देने की मांग को खारिज कर दिया है। हालांकि, अभ्यर्थियों की कई अन्य मांगों पर पैनल ने राहत देने वाला रुख अपनाया है। इनमें परीक्षा फीस की समीक्षा, आंसर की से जुड़ी व्यवस्था में पारदर्शिता और FMGE को साल में कम से कम तीन बार आयोजित कराने की संभावनाओं पर विचार शामिल है। इस बीच दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है।

ग्रेस मार्क्स की मांग पर एक्सपर्ट कमेटी का रुख

FMGE परीक्षा को लेकर ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने एक्सपर्ट कमेटी के सामने वीडियो-बेस्ड सवालों की अचानक शुरुआत और कठिन सवाल पूछे जाने के एवज में ग्रेस मार्क्स देने की मांग रखी थी। कमेटी ने इस मांग को पूरी तरह से नकार दिया। NBEMS के अनुसार, समीक्षा में ऐसा कोई पर्याप्त प्रमाण नहीं मिला जिससे यह सिद्ध हो सके कि वीडियो-बेस्ड सवालों या कठिन स्तर ने परीक्षा के परिणाम पर कोई नकारात्मक प्रभाव डाला है। कमेटी ने यह भी स्पष्ट किया कि FMGE के कट-ऑफ से संबंधित कानूनी नियमों में ग्रेस मार्क्स देने का कोई प्रावधान नहीं है।

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परीक्षा पैटर्न में बदलाव के सुझाव

एक्सपर्ट कमेटी ने FMGE के परीक्षा पैटर्न में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण सिफारिशें दी हैं। पैनल ने सुझाव दिया है कि आसान सवालों का अनुपात 20% से बढ़ाकर 30% किया जाना चाहिए, जबकि मध्यम स्तर के सवालों को थोड़ा घटाकर कठिन सवालों का अनुपात 20% रखा जाए। प्रस्तावित नया पैटर्न 30:50:20 के अनुपात में हो सकता है। कमेटी ने औसतन कठिनाई स्तर को 5.5 और 5 से अधिक न रखने की बात कही है, जिसके तहत 150 से अधिक सवाल सामान्य स्तर के हो सकते हैं। हालांकि, इन सिफारिशों को लागू करने के लिए संबंधित अथॉरिटी की अंतिम स्वीकृति आवश्यक होगी।

फीस समीक्षा, आंसर की और साल में 3 बार परीक्षा पर राहत

डॉक्टरों की अन्य मांगों पर एक्सपर्ट कमेटी ने सकारात्मक कदम उठाए हैं। पैनल ने परीक्षा फीस की समीक्षा करने का सुझाव दिया है, ताकि बार-बार परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों पर आर्थिक बोझ कम हो सके। इसके अलावा, पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक नई व्यवस्था का सुझाव दिया गया है, जिससे छात्र अपनी रिस्पॉन्स शीट, सही उत्तर और अंक देख सकेंगे। हालांकि, गोपनीयता और सुरक्षा कारणों से पूरा प्रश्न पत्र और आंसर की सार्वजनिक करना संभव नहीं बताया गया। साथ ही कमेटी ने साल में तीन बार FMGE आयोजित करने की संभावना पर भी विचार करने को कहा है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर FMGs का प्रदर्शन जारी

FMGE June 2026 परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स का विरोध अभी थमा नहीं है। ऑल FMGs एसोसिएशन (AFA) और ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) के मेडिकल छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। इसके बाद NBEMS ने मामलों की जांच के लिए एयर मार्शल (डॉ.) पवन कपूर (रिटायर्ड) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय स्वतंत्र कमेटी का गठन किया था। इसके बावजूद, छात्र तुरंत परिणाम की समीक्षा, ग्रेस मार्क्स, पारदर्शी री-इवैल्यूएशन और रिस्पॉन्स शीट जारी करने की मांग पर अड़े हुए हैं।

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दीपक अरोड़ा

पत्रकार (BAJMC ,LLB ) सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।