Technology और Innovation पर दिया जोर
CCRAS Meeting 2026 को संबोधित करते हुए प्रतापराव जाधव ने कहा कि आयुर्वेद का भविष्य केवल पारंपरिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि Technology, Scientific Research और Innovation के साथ इसके समन्वय में निहित है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को वैज्ञानिक रूप से अधिक मजबूत, वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य और आम लोगों के लिए सुलभ बनाने की आवश्यकता है। मंत्री ने Artificial Intelligence (AI), डेटा प्रबंधन और ट्रांसलेशनल रिसर्च जैसी आधुनिक तकनीकों को आयुर्वेद अनुसंधान से जोड़ने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक अपनाने के साथ शास्त्रीय आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों और प्रामाणिकता को भी सुरक्षित रखा जाना चाहिए।यह भी पढ़ें: WHO Cancer Warning: Common Drugs को लेकर घबराएं नहीं, Doctors ने बताई बड़ी वजह
Startups और युवा शोधकर्ताओं को मिला संदेश
बैठक के दौरान प्रतापराव जाधव ने युवा शोधकर्ताओं, Startups, उद्यमियों और उद्योग जगत से आयुर्वेद को प्रयोगशालाओं से बाज़ार तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। CCRAS Meeting 2026 में उन्होंने अनुसंधान अनुदान, Incubation Support, Industry Partnership और Mentorship जैसे उपायों के माध्यम से मजबूत Innovation Ecosystem विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने Young Research Fund, Ayurveda Startup Accelerator और Global Ayurveda Challenge जैसी पहलों पर भी जोर दिया, ताकि भारत आयुर्वेद के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व स्थापित कर सके और नए शोध एवं नवाचार को बढ़ावा मिले।
Research Infrastructure को मिलेगा नया Boost
CCRAS Meeting 2026 में आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा और CCRAS के महानिदेशक प्रो. (वैद्य) रबिनारायण आचार्य ने भी परिषद की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नई डिजिटल और अनुसंधान संबंधी पहलें साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद को मजबूत करेंगी, अनुसंधान अवसंरचना का विस्तार करेंगी और शोधकर्ताओं, चिकित्सकों तथा वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय के लिए आयुर्वेद को अधिक सुलभ बनाएंगी। बैठक में परिषद की रणनीतिक पहलों को मंजूरी देने के साथ गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक सहयोग को बढ़ाने पर भी सहमति बनी।यह भी पढ़ें: NEET PG Cutoff: Admission System की समीक्षा के लिए Centre ने बनाई 12 सदस्यीय Expert Committee
दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB ) सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।

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