डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर का इलाज केवल सही दवा मिलने से पूरा नहीं होता। रिपोर्ट दूसरे डॉक्टर तक पहुंचे, पुरानी और नई दवाओं में भ्रम न हो और अगली जांच का समय स्पष्ट हो, तभी इलाज की पूरी कड़ी सुरक्षित बनती है। 18 सितंबर 2026 को जारी स्वास्थ्य मंत्रालय की सूचना इसी लंबे सफर में मरीज की सुरक्षा पर केंद्रित है।
आज की खबर: लंबे उपचार में सुरक्षा पर जोर
PIB के अनुसार दिल्ली के NIHFW में विश्व रोगी सुरक्षा दिवस के राष्ट्रीय आयोजन में गैर-संचारी रोगों, यानी NCDs, की सुरक्षित देखभाल पर चर्चा हुई। इसमें रोकथाम से लेकर निदान, उपचार और लंबे समय तक निगरानी को एक साथ देखने की जरूरत रखी गई। विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 17 सितंबर को मनाया जाता है; इस आयोजन की मंत्रालय की विज्ञप्ति 18 सितंबर को प्रकाशित हुई है।
मंत्रालय ने मार्च 2027 तक आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप-स्वास्थ्य केंद्रों के शत-प्रतिशत NQAS प्रमाणन के लिए स्पष्ट कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। इसे हासिल हो चुका परिणाम नहीं, गुणवत्ता सुधार का लक्ष्य समझना चाहिए। चर्चा में दवा सुरक्षा, सहवर्ती बीमारियों और मरीज को एक केंद्र से दूसरे केंद्र भेजने की व्यवस्था भी शामिल थी।
मरीज सुरक्षा अस्पताल की चारदीवारी तक सीमित क्यों नहीं?
WHO के रोगी सुरक्षा विवरण के मुताबिक नुकसान केवल किसी एक व्यक्ति की गलती से नहीं होता। कमजोर प्रक्रियाएं, अधूरी जानकारी और टीमों के बीच संवाद की कमी भी भूमिका निभाती हैं। दवा संबंधी गलतियां, गलत पहचान, जांच में चूक और उपचार से जुड़े संक्रमण ऐसे जोखिम हैं जिन्हें बेहतर व्यवस्था से कम किया जा सकता है।
इसका अर्थ हर असफल उपचार को लापरवाही कहना नहीं है। बीमारी की जटिलता और टाली जा सकने वाली प्रक्रिया संबंधी गलती अलग बातें हैं। जरूरत है ऐसी व्यवस्था की जिसमें मरीज सवाल पूछ सके, टीम जरूरी जानकारी साझा करे और समस्या सामने आने पर उससे सीख ली जाए।
दवाओं की सूची छोटी चीज, उपयोग बड़ा
WHO का Medication Without Harm कार्यक्रम कई दवाएं साथ चलने, ज्यादा जोखिम वाली परिस्थितियों और देखभाल का स्थान बदलने जैसे अवसरों पर विशेष ध्यान देता है। अस्पताल से छुट्टी मिलने या नए विशेषज्ञ को दिखाने पर दवाओं की सूची का मिलान इसलिए अहम है। मरीज, परिवार, डॉक्टर और फार्मासिस्ट की भागीदारी इस प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट बना सकती है।
परामर्श के समय साथ रखें ये चार सवाल
- मेरी वर्तमान दवाओं की पूरी सूची में कौन-सी दवा जारी रहेगी और किसमें बदलाव हुआ है?
- अगली जांच और फॉलो-अप कब है, और रिपोर्ट किस डॉक्टर को दिखानी है?
- किस लक्षण पर तुरंत सहायता लेनी है और कहां संपर्क करना है?
- दूसरे अस्पताल में रेफर होने पर कौन-सी रिपोर्ट और डिस्चार्ज जानकारी साथ ले जानी है?
ध्यान दें: ये परामर्श को स्पष्ट बनाने वाले सवाल हैं, दवा बदलने का निर्देश नहीं। किसी दवा को स्वयं बंद या उसकी खुराक में बदलाव न करें। सुरक्षित इलाज स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी है; उसका बोझ केवल मरीज पर नहीं डाला जा सकता।
चित्र: मरीज, डॉक्टर और फार्मासिस्ट के बीच उपचार समीक्षा का एआई-निर्मित सांकेतिक चित्रण; यह NIHFW आयोजन की तस्वीर नहीं है।
स्रोत: स्वास्थ्य मंत्रालय / PIB, 18 सितंबर 2026; WHO रोगी सुरक्षा विवरण; WHO Medication Without Harm।

01
02
03