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आंध्र प्रदेश में 10 क्रिटिकल केयर ब्लॉक और 12 स्वास्थ्य लैब का उद्घाटन, गंभीर मरीजों की देखभाल पर जोर

12 सितंबर को जेपी नड्डा ने आंध्र प्रदेश में 22 स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन किया। जानिए किन अस्पतालों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक बने और जांच व रोग निगरानी के लिए क्या व्यवस्था है।

अस्पताल में मरीजों से बातचीत करती स्वास्थ्य टीम का एआई-निर्मित सांकेतिक चित्र; वास्तविक उद्घाटन की तस्वीर नहीं
12 सितंबर 2026 | आंध्र प्रदेश आंध्र प्रदेश में गंभीर मरीजों की देखभाल और बीमारियों की समय रहते पहचान की क्षमता बढ़ाने के लिए 10 क्रिटिकल केयर ब्लॉक और 12 एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 12 सितंबर को इन सुविधाओं का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव भी उपस्थित थे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने दोपहर 2:52 बजे जारी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। किन अस्पतालों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक? मंत्रालय की सूची के अनुसार ये ब्लॉक कडपा, नेल्लोर, श्रीकाकुलम, विशाखापत्तनम, ओंगोल, राजमहेंद्रवरम, कुरनूल और विजयवाड़ा के सरकारी मेडिकल कॉलेजों तथा अनकापल्ली और हिंदूपुर के जिला अस्पतालों में हैं। इनका उद्देश्य गंभीर स्थिति वाले मरीजों के लिए उन्नत देखभाल की उपलब्धता बढ़ाना और महामारी या दूसरी स्वास्थ्य आपात स्थितियों में अस्पतालों की क्षमता मजबूत करना है। यह केवल अतिरिक्त बिस्तरों का मामला नहीं है। मंत्री ने ऑक्सीजन और मेडिकल गैस व्यवस्था, आइसोलेशन सुविधाओं, प्रशिक्षित कर्मचारियों और प्रयोगशाला क्षमता को एक साथ विकसित करने पर जोर दिया। कोविड-19 के दौरान सामान्य अस्पताल सेवाओं पर पड़े दबाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में भी नियमित उपचार जारी रखने की तैयारी जरूरी है। नई लैब कहां हैं और क्या काम करेंगी? बारह प्रयोगशालाएं सीतामपेटा, गुंतकल, पलमनेर, अगनमपुडी, नंदीगामा, चिराला, अरकू, नरसरावपेटा, बनगानपल्ली, अनपर्थी, तुनी और गुडूर के क्षेत्रीय अस्पतालों में हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं की भूमिका केवल किसी एक मरीज की जांच तक सीमित नहीं होती। मंत्रालय के अनुसार इन्हें संक्रामक और गैर-संक्रामक बीमारियों की जांच, प्रकोप की शुरुआती पहचान और स्वास्थ्य खतरों की निगरानी को मजबूत करने के लिए विकसित किया गया है। स्वीकृत और उद्घाटित सुविधाओं में अंतर प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत आंध्र प्रदेश में कुल 24 क्रिटिकल केयर ब्लॉक और 26 सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं स्वीकृत हैं। आज उद्घाटित ब्लॉक की संख्या 10 है, सभी 24 नहीं। प्रयोगशालाओं में 14 पहले से कार्यरत बताई गई हैं और शेष 12 का आज उद्घाटन हुआ। राष्ट्रीय स्तर पर 631 क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्वीकृत होने का आंकड़ा भी दिया गया है; स्वीकृति को सभी सुविधाओं के चालू होने के बराबर नहीं समझना चाहिए। मरीजों को क्या जानकारी लेनी चाहिए? उद्घाटन स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार की खबर है, किसी खास समय पर बिस्तर खाली होने या प्रत्येक जांच तुरंत मिलने की गारंटी नहीं। विज्ञप्ति में अस्पतालवार भर्ती प्रक्रिया, उपलब्ध विशेषज्ञों की ड्यूटी, जांच शुल्क या रिपोर्ट मिलने का समय नहीं दिया गया है। इन सुविधाओं का उपयोग करने से पहले संबंधित अस्पताल से सेवा और रेफरल की जानकारी लेना उपयोगी होगा। आपात स्थिति में इस खबर के आधार पर दूर के अस्पताल की यात्रा तय करने के बजाय तत्काल उपलब्ध आपात चिकित्सा सहायता लें। अब ध्यान संचालन पर इन सुविधाओं का वास्तविक लाभ प्रशिक्षित टीम, उपकरणों के संचालन, जांच की उपलब्धता और मरीजों को समय पर सही केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था से तय होगा। मंत्रालय ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक देखभाल की कड़ी मजबूत करने को मिशन का हिस्सा बताया है। उद्घाटन के साथ इन रोजमर्रा की व्यवस्थाओं पर नजर रखना भी जरूरी है। चित्र: स्वास्थ्य सेवाओं का एआई-निर्मित सांकेतिक चित्रण। यह आंध्र प्रदेश के उद्घाटित केंद्रों या आज के आयोजन की वास्तविक तस्वीर नहीं है। स्रोत: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, पीआईबी; 12 सितंबर 2026, दोपहर 2:52 बजे। https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2309440