दादी का बाजार तक खुद चलकर जाना, दादा का दोस्तों के साथ बैठना या अपनी देखभाल का निर्णय स्वयं लेना: लंबी जिंदगी की गुणवत्ता इन छोटी स्वतंत्रताओं में भी दिखाई देती है। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस, 1 अक्टूबर 2026, इसी सवाल को सामने रखता है कि बढ़ती उम्र के लिए हमारी स्वास्थ्य सेवाएं और आसपास का वातावरण कितने तैयार हैं।
आज की पहल क्या है?
WHO ने इस अवसर पर लंबी आयु के अनुरूप व्यवस्थाओं पर पुनर्विचार के विषय में संवाद निर्धारित किया है। कार्यक्रम का उद्देश्य बुजुर्गों की जरूरतों और अधिकारों को स्वास्थ्य व्यवस्था के केंद्र में लाना है। यह किसी नई दवा या उम्र बढ़ाने वाले उपचार की घोषणा नहीं है।
आधिकारिक कार्यक्रम विवरण के अनुसार चर्चा में स्वस्थ वृद्धावस्था के संयुक्त राष्ट्र दशक, 2021–2030, की प्रगति तथा अलग-अलग देशों और समुदायों की प्राथमिकताएं शामिल होनी हैं। कार्यक्रम निर्धारित होना और उसके निष्कर्ष जारी होना अलग बातें हैं; यह लेख अभी किसी नई नीति के लागू होने का दावा नहीं करता।
जन्मदिन की संख्या पूरी कहानी नहीं बताती
WHO की वृद्धावस्था संबंधी तथ्य-पत्रिका के अनुसार उम्र के साथ शारीरिक और मानसिक क्षमता में बदलाव व्यक्ति-व्यक्ति अलग होते हैं। एक ही आयु के दो लोगों की जरूरतें समान मान लेना गलत होगा। सुनने या देखने में कमी, जोड़ों की परेशानी, मधुमेह और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां साथ भी मौजूद हो सकती हैं।
स्वस्थ उम्र बढ़ने में संतुलित भोजन, अनुकूल शारीरिक गतिविधि, तंबाकू से दूरी और सहयोगी वातावरण की भूमिका है। लेकिन सारी जिम्मेदारी बुजुर्ग व्यक्ति पर डालना पर्याप्त नहीं। सुलभ परिवहन, सुरक्षित रास्ते और व्यक्ति-केंद्रित प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं भी महत्वपूर्ण हैं। यह संदर्भ WHO की 2025 की तथ्य-पत्रिका से है, आज जारी नए अध्ययन से नहीं।
परिवार में बातचीत कहां से शुरू करें?
देखभाल का पहला सवाल यह हो सकता है: आपको अपने रोजमर्रा के किस काम में सहायता चाहिए, और कौन-से निर्णय आप स्वयं लेना चाहते हैं? जवाब सुने बिना हर काम अपने हाथ में लेना सहायता को अनचाहे नियंत्रण में बदल सकता है।
अगली चिकित्सकीय मुलाकात के लिए कठिनाइयों, चल रही दवाओं और पूछने वाले सवालों की छोटी सूची साथ रखना बातचीत व्यवस्थित करने का एक व्यावहारिक तरीका है। यह संपादकीय सुझाव है, व्यक्तिगत जांच या उपचार का विकल्प नहीं। किसी दवा को अपने आप बंद या बदलना इसका उद्देश्य नहीं है।
सम्मान भी देखभाल का हिस्सा है
इस दिवस की उपयोगिता केवल बधाई देने में नहीं, सेवाओं को व्यक्ति की वास्तविक जरूरत के अनुरूप देखने में है। बुजुर्गों के बारे में बात करने के साथ उनसे बात करना जरूरी है। लंबी आयु की उपलब्धि तभी अधिक अर्थपूर्ण होगी जब उसमें निर्णय की स्वतंत्रता और समाज में भागीदारी के अवसर भी बने रहें।
चित्र: स्वस्थ वृद्धावस्था और सामुदायिक सहभागिता का एआई-निर्मित सांकेतिक चित्रण।
स्रोत: WHO का 1 अक्टूबर 2026 का वृद्धजन दिवस कार्यक्रम और Ageing and health तथ्य-पत्रिका (1 अक्टूबर 2025)।
https://www.who.int/news-room/events/detail/2026/10/01/default-calendar/who-webinar-on-the-un-international-day-of-older-persons-2026--the-age-of-longevity--rethinking-systems-for-longer-lives
https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/ageing-and-health

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