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आयुष नवाचार के पेटेंट आवेदनों में आठ गुना वृद्धि

खबर का सार

11वें आयुर्वेद दिवस समारोह के दौरान आयुष से संबंधित आविष्कारों पर जारी स्थिति रिपोर्ट (2014-2026) में बताया गया है कि देश में आयुष से संबंधित नवाचार और बौद्धिक संपदा गतिविधियों में पिछले एक दशक में महत्वपूर्ण विस्तार देखा गया है। वित्त वर्ष 2014-15 और वित्त वर्ष 2025-26 के बीच 4,077 पेटेंट आवेदन दायर किए गए और 711 पेटेंट प्रदान किए गए।

आयुष नवाचार के पेटेंट आवेदनों में आठ गुना वृद्धि — इसी स्रोत की तस्वीर या इन्फोग्राफिक। सौजन्य: Press Information Bureau।

आयुष आविष्कारों पर रिपोर्ट नवाचार और बौद्धिक संपदा गतिविधियों में तीव्र वृद्धि को दर्शाती हैमहाराष्ट्र 744 आवेदनों और 142 स्वीकृतियों के साथ आयुष पेटेंट गतिविधि में शीर्ष स्थान पर

11वें आयुर्वेद दिवस समारोह के दौरान आयुष से संबंधित आविष्कारों पर जारी स्थिति रिपोर्ट (2014-2026) में बताया गया है कि देश में आयुष से संबंधित नवाचार और बौद्धिक संपदा गतिविधियों में पिछले एक दशक में महत्वपूर्ण विस्तार देखा गया है। वित्त वर्ष 2014-15 और वित्त वर्ष 2025-26 के बीच 4,077 पेटेंट आवेदन दायर किए गए और 711 पेटेंट प्रदान किए गए।

भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के पेटेंट, डिजाइन एवं ट्रेडमार्क नियंत्रक जनरल कार्यालय (सीजीपीडीटीएम) द्वारा प्रकाशित यह रिपोर्ट, भारत में आयुष से संबंधित आविष्कारों और बौद्धिक संपदा गतिविधियों के विकास का एक संक्षिप्त विवरण प्रदान करती है।

आयुष (स्वतंत्र प्रभार) केंद्रीय राज्य मंत्री और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने दोहराया, “आयुष से संबंधित पेटेंट दाखिल करने और स्वीकृतियों में हुई उल्लेखनीय वृद्धि आयुष क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और बौद्धिक संपदा पर बढ़ते ध्यान को दर्शाती है। सरकार एक ऐसा अनुकूल वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जहां पारंपरिक ज्ञान, वैज्ञानिक अनुसंधान और समकालीन नवाचार नए उत्पादों, प्रौद्योगिकियों और समाधानों में योगदान दे सकें। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारत की समृद्ध ज्ञान प्रणालियों को उचित रूप से संरक्षित किया जाए।”

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने जोर देते हुए कहा, “पेटेंट गतिविधियों में निरंतर विस्तार आयुष क्षेत्र के बढ़ते अनुसंधान और नवाचार आधार को दर्शाता है। व्यक्तियों, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप्स और उद्योग की बढ़ती भागीदारी उत्साहजनक है और अनुसंधान को नवीन समाधानों में बदलने में सहायक होगी। मंत्रालय आयुष क्षेत्र में प्रमाण जुटाने, अनुसंधान सहयोग और नवाचार को निरंतर समर्थन देता रहेगा।”

रिपोर्ट में पेटेंट संबंधी गतिविधियों में तीव्र वृद्धि का उल्लेख किया गया है जिसमें वार्षिक आवेदन वित्त वर्ष 2014-15 में 63 आवेदनों से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 590 आवेदन हो गए हैं जो लगभग 836.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाते हैं। पेटेंट आवेदन वित्त वर्ष 2022-23 में 606 आवेदनों के शिखर पर पहुंच गए, फिर वित्त वर्ष 2023-24 में घटकर 299 हो गए, लेकिन वित्त वर्ष 2025-26 तक बढ़कर 590 हो गए। वार्षिक पेटेंट अनुदानों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है जो वित्त वर्ष 2015-16 में 3 से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 204 हो गए।

कोविड-19 के बाद के दौर में पेटेंट गतिविधियों में विशेष रूप से तीव्र वृद्धि देखी गई। वित्त वर्ष 2020-21 से वित्त वर्ष 2025-26 के बीच 2,854 आवेदन दर्ज किए गए जो कुल आवेदनों का 70 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान केवल 1,223 आवेदन दर्ज किए गए थे। इसी प्रकार, कोविड-19 के बाद के दौर में 657 पेटेंट प्रदान किए गए, जो कुल स्वीकृत पेटेंटों का 92.4 प्रतिशत है।

नवाचार के बढ़ते परिवेश का प्रभाव आवेदकों की विविधता में दिखाई देता है। व्यक्तियों ने 2,113 आवेदन किए जो कुल आवेदनों का 51.9 प्रतिशत है, और 398 अनुदान प्राप्त किए, जबकि शैक्षणिक संस्थानों ने 995 आवेदन और 88 अनुदान प्राप्त किए। व्यक्तियों और शैक्षणिक संस्थानों का कुल आवेदनों में 76.3 प्रतिशत योगदान रहा। कॉरपोरेट और अन्य संस्थाओं ने 700 आवेदन और 176 अनुदान प्राप्त किए जबकि लघु संस्थाओं और स्टार्टअप्स ने क्रमशः 144 और 125 आवेदन किए।

रिपोर्ट के निष्कर्ष आयुष पारिस्थितिकी तंत्र में अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और बौद्धिक संपदा संरक्षण के बढ़ते एकीकरण को दर्शाते हैं जिसमें व्यक्तिगत नवोन्मेषकों, शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों, स्टार्टअप और उद्योग की बढ़ती भागीदारी शामिल है।

पीके/केसी/आरटी/जेके/एसके

स्रोत: Press Information Bureau
स्रोत की तारीख: 16-10-2026 14:33 IST
चित्र: इसी स्रोत की तस्वीर या इन्फोग्राफिक। सौजन्य: Press Information Bureau।