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आईटीआरए, जामनगर आयुर्वेद में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी 'आयुटेक नवोन्मेष 2026' का आयोजन करेगा

खबर का सार

आयुष मंत्रालय के अतंर्गत आयुर्वेद शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (आईटीआरए), जामनगर अपने छठे स्थापना दिवस के अवसर पर 15 और 16 अक्टूबर, 2026 को 'डॉ. पी. एम. मेहता व्याख्यान' और दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 'आयुटेक नवोन्मेष 2026' का आयोजन करेगा। इस संगोष्ठी का मुख्य विषय ‘आयुर्वेद में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग’ है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के साथ जोड़कर अनुसंधान, नवाचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं को आगे बढ़ाने के अवसरों का पता लगाना है।

आईटीआरए, जामनगर आयुर्वेद में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी 'आयुटेक नवोन्मेष 2026' का आयोजन करेगा — इसी स्रोत की तस्वीर या इन्फोग्राफिक। सौजन्य: Press Information Bureau।

संस्थान के छठे स्थापना दिवस के अवसर पर, पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के साथ जोड़ने पर चर्चा करने के लिए 15-16 अक्टूबर को दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन

आयुष मंत्रालय के अतंर्गत आयुर्वेद शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (आईटीआरए), जामनगर अपने छठे स्थापना दिवस के अवसर पर 15 और 16 अक्टूबर, 2026 को 'डॉ. पी. एम. मेहता व्याख्यान' और दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 'आयुटेक नवोन्मेष 2026' का आयोजन करेगा। इस संगोष्ठी का मुख्य विषय ‘आयुर्वेद में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग’ है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के साथ जोड़कर अनुसंधान, नवाचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं को आगे बढ़ाने के अवसरों का पता लगाना है।

कार्यक्रम का आयोजन प्रोफेसर (डॉ.) तनुजा नेसारी, निदेशक, आईटीआरए के नेतृत्व में किया जाएगा। इसमें माननीय सांसद श्रीमती पूनमबेन मादाम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), स्विट्जरलैंड के स्वास्थ्य प्रणाली विभाग में डेटा, डिजिटल स्वास्थ्य, एनालिटिक्स एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रमुख श्री समीर पुजारी और डब्ल्यूएचओ वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र की निदेशक डॉ. श्यामा कुरुविला भी हिस्सा लेंगी। विशिष्ट मेहमानों में प्रो. शैलेन्द्र सराफ़, निदेशक, राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर), गांधीनगर; डॉ. मानसी देशपांडे, कुलपति, गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय; और आयुष मंत्रालय के पूर्व सलाहकार (आयुर्वेद) डॉ. मनोज नेसारी शामिल होंगे।

कार्यक्रम में प्रसिद्ध विशेषज्ञों की भागीदारी से आयुर्वेद एवं आधुनिक डिजिटल तकनीकों के एकीकरण पर सार्थक चर्चा होने की उम्मीद है, जिसमें अनुसंधान एवं नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ आयुर्वेदिक अनुसंधान, दवा विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल तकनीकों के संभावित उपयोगों पर चर्चा करेंगे।

इस संगोष्ठी में विशेषज्ञों के व्याख्यान, अकादमिक चर्चाएं, शोध एवं तकनीकी सहयोग पर विचार-विमर्श, संस्थागत सम्मान और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे। आयुर्वेदिक शोध, दवा विकास, गुणवत्ता आश्वासन, चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के नैतिक, वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

प्रो. (डॉ.) तनुजा नेसारी, निदेशक, आईटीआरए ने कहा कि आयुर्वेद एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के एकीकरण से अनुसंधान एवं नवाचार के नए रास्ते खुल सकते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक और डेटा-आधारित पद्धतियों से जोड़ने से आयुर्वेद को आगे बढ़ाने, ज्ञान के आदान-प्रदान और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने में अहम योगदान मिल सकता है।

आईटीआरए, जामनगर का उद्देश्य इस पहल के माध्यम से आयुर्वेद के विद्वानों, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और तकनीकी विशेषज्ञों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, साथ ही पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में ज़िम्मेदार तकनीकी नवाचार और बहुविषयक क्षेत्रों के बीच सहयोग बढ़ाना है।

आईटीआरए, जामनगर के बारे में

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अक्टूबर, 2020 को आईटीआरए, जामनगर को राष्ट्र को समर्पित किया जो आयुर्वेद के क्षेत्र में राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा प्राप्त करने वाला देश का पहला संस्थान है। आयुर्वेद में अपनी ऐतिहासिक एवं शैक्षणिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध शहर जामनगर में स्थित यह संस्थान, स्नातक से लेकर डॉक्टरेट स्तर तक के कार्यक्रमों के साथ-साथ आयुर्वेद फ़ार्मेसी, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़े कोर्स के माध्यम से शिक्षा एवं अनुसंधान को बढ़ावा देता है।

यह संस्थान 300 बिस्तरों वाला एक अस्पताल संचालित करता है जिसे राष्ट्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) से मान्यता प्राप्त है; यहां आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) द्वारा रोज़ाना औसतन लगभग 1,000 मरीज़ों का इलाज होता है। अपनी स्थापना से लेकर अबतक, संस्थान ने अपनी ओपीडी के माध्यम से कुल 18,47,807 मरीज़ों को सलाह एवं इलाज प्रदान किया है, जबकि 27,520 मरीज़ों को अस्पताल में भर्ती होकर इलाज प्राप्त किया है। अभी, संस्थान के अलग-अलग विभागों में 20 ओपीडी चल रही हैं। इसके अलावा, जामनगर शहर और ज़िले में आठ जगहों पर हफ़्ते में एक बार ओपीडी सेवाएं दी जाती हैं।

संस्थान में आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों से युक्त ऐसी छह प्रयोगशालाएं भी हैं जिन्हें राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनबीएल) से मान्यता प्राप्त है; साथ ही, यहां योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के लिए भी विशेष सुविधाएं मौजूद हैं।

आईटीआरए ने शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में 27 संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें 18 राष्ट्रीय एवं 9 अंतरराष्ट्रीय संस्थान शामिल हैं। इसके आयुर्वेद पुस्तकालय में 30,000 से ज़्यादा किताबें और 5,000 से ज़्यादा पांडुलिपियां मौजूद हैं। संस्थान चिकित्सा और औषधीय शोध के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार एक पशु गृह सुविधा भी चलाता है।

पीके/केसी/आरटी/एके/डीके

स्रोत: Press Information Bureau
स्रोत की तारीख: 14-10-2026 20:37 IST
चित्र: इसी स्रोत की तस्वीर या इन्फोग्राफिक। सौजन्य: Press Information Bureau।