राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (एनसीआईएसएम) की अध्यक्ष, प्रो. मनीषा कोठेकर ने आज केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) के सीसीआरएएस स्पार्क 5.0 और सीसीआरएएस आयुर्शोध 2026 (द्वितीय सर्कुलर) का शुभारंभ किया। इन पहलों का उद्देश्य स्नातक छात्रों के बीच अनुसंधान को बढ़ावा देकर और विद्वतापूर्ण उत्कृष्टता, शोध संचार एवं नवाचार को मान्यता देकर आयुर्वेद में अनुसंधान के इकोसिस्टम को मजबूत करना है।
वर्ष 2026-27 के लिए स्टूडेंटशिप प्रोग्राम फॉर आयुर्वेद रिसर्च केन (स्पार्क) 5.0 इस कार्यक्रम का पांचवां संस्करण है। इसका उद्देश्य अल्पकालिक स्वतंत्र शोध परियोजनाओं के माध्यम से आयुर्वेद के स्नातक छात्रों को शोध पद्धतियों और तकनीकों से परिचित कराना है, तथा बीएएमएस छात्रों में शोध की योग्यता, विश्लेषणात्मक सोच और करियर के रूप में अनुसंधान में शुरुआती रुचि को बढ़ावा देना है।
· कुल 300 स्टूडेंटशिप दी जा रही हैं, जिसमें प्रत्येक छात्र को ₹50,000 की वित्तीय सहायता मिलेगी।
· एनसीआईएसएम / भारत सरकार से मान्यता प्राप्त कॉलेजों या विश्वविद्यालयों में तृतीय/चतुर्थ/व्यावसायिक वर्ष में अध्ययनरत बीएएमएस छात्र इसके लिए पात्र हैं।
· इसके लिए पंजीकरण 15 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 नवंबर 2026 है।
सीसीआरएएस आयुर्शोध - राष्ट्रीय अनुसंधान मान्यताएँ
सीसीआरएएस आयुर्शोध आयुर्वेद के क्षेत्र में तीन श्रेणियों में शोध योगदानों को मान्यता देने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए एक मंच प्रदान करता है:
· सीसीआरएएस-प्रबोध 3 मिनट: तीन मिनट की थीसिस प्रस्तुतियों के माध्यम से शोध का संचार/प्रस्तुतीकरण।
· सीसीआरएएस -प्रकाश: मूल अनुसंधान पर आधारित प्रकाशनों के माध्यम से विद्वतापूर्ण उपलब्धियों को मान्यता।
· सीसीआऱएएस-नवन्मेष: नवोन्मेषी प्रोटोटाइप, नए समाधान, प्रक्रियात्मक नवाचार और परिवर्तनकारी शोध पद्धतियों को मान्यता।
द्वितीय सर्कुलर में पुरस्कारों का विवरण दिया गया है, जिसमें श्री धूतपापेश्वर लिमिटेड द्वारा प्रायोजित पुरस्कार राशि भी शामिल है। सीसीआरएएस आयुर्शोध का फाइनल 11 दिसंबर 2026 को आयोजित होना तय है।
इस अवसर पर सीसीआऱएएस के महानिदेशक प्रो. (वैद्य) रबीनारायण आचार्य; श्री धूतपापेश्वर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ डॉ. रणजीत पुराणिक; एनसीआईएसएम के विभिन्न बोर्डों के अध्यक्ष और देश भर के सीसीआऱएएस संस्थानों के प्रमुख उपस्थित थे।
इन पहलों का उद्देश्य उभरती हुई अनुसंधान प्रतिभाओं को निखारना, प्रभावी शोध संचार को बढ़ावा देना, गुणवत्तापूर्ण विद्वतापूर्ण प्रकाशनों को प्रोत्साहित करना और आयुर्वेद अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए नवोन्मेषी दृष्टिकोण को विकसित करना है।
अधिक जानकारी निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है:
· सीसीआऱएएस स्पार्क 5.0: https://spark.ccras.org.in/
· सीसीआऱएएस आयुर्शोध: https://ayurshodh.ccras.org.in/
पीके/केसी/एसके
स्रोत: Press Information Bureauस्रोत की तारीख: 14-10-2026 20:58 IST
चित्र: इसी स्रोत की तस्वीर या इन्फोग्राफिक। सौजन्य: Press Information Bureau।

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