नई दिल्ली, 7 अप्रैल।
बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) के अनुसार, 15 मार्च से अब तक संदिग्ध मामलों और जटिलताओं के चलते 118 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकांश बच्चे शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 24 घंटों में ही 5 लोगों की मौत दर्ज की गई। वहीं, खसरे के संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़कर 2006 तक पहुंच गई है, जिनका इलाज देशभर के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
राजशाही मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में हालात बेहद चिंताजनक हैं, जहां दो और बच्चों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 42 हो गई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, ये मौतें 24 घंटे के भीतर हुईं।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि स्वास्थ्य प्रणाली में सुधार नहीं किया गया, तो इमरजेंसी उपाय भी ज्यादा प्रभावी नहीं होंगे। पूर्व डिजीज कंट्रोल निदेशक बेनजीर अहमद के मुताबिक, अंतरिम सरकार द्वारा वैक्सीनेशन फंडिंग प्रोग्राम बंद करने से मीजल्स वैक्सीन की कमी हो गई, जिससे हालात बिगड़े।
डेली स्टार के अनुसार, 2024 के अंत में प्रस्तावित विशेष टीकाकरण अभियान भी राजनीतिक परिस्थितियों के कारण लागू नहीं हो सका। इसके अलावा, 2025 में टीकाकरण कर्मचारियों की हड़ताल और फंड की कमी के चलते नियमित इम्यूनाइजेशन कार्यक्रम भी प्रभावित हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि खसरा बेहद संक्रामक बीमारी है और एक संक्रमित व्यक्ति 16 से 18 लोगों को संक्रमित कर सकता है। ऐसे में यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और भयावह हो सकती है।
प्रमुख तथ्य
118 लोगों की मौत, अधिकतर बच्चे
2006 संदिग्ध मामले सामने आए
24 घंटे में 5 मौतें
टीकाकरण में कमी बड़ा कारण
एक मरीज 16–18 लोगों को कर सकता है संक्रमित
Discussion about this post