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MBBS In Hindi: हिंदी माध्यम के एमबीबीएस छात्रों को मिलेगी फीस में छूट और टॉपर्स को नकद इनाम

MBBS In Hindi: हिंदी माध्यम के एमबीबीएस छात्रों को मिलेगी फीस में छूट और टॉपर्स को नकद इनाम

MBBS In Hindi: मध्यप्रदेश सरकार ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए एमबीबीएस और बीडीएस के हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने वाले छात्रों को प्रोत्साहन देने की घोषणा की है। सरकार ने ऐसे छात्रों की परीक्षा फीस में 50 प्रतिशत की छूट देने और विश्वविद्यालय परीक्षा में रैंक लाने वालों को नकद पुरस्कार देने का ऐलान किया है।

गौरतलब है कि एमबीबीएस की हिंदी माध्यम (MBBS In Hindi) में पढ़ाई की शुरुआत मध्यप्रदेश में तीन साल पहले की गई थी। इस ऐतिहासिक पहल की शुरुआत 16 अक्टूबर 2022 को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा भोपाल में की गई थी। हालांकि शुरुआत में कई चुनौतियां सामने आईं, जैसे कठिन मेडिकल शब्दावली का हिंदी में अनुवाद, द्विभाषीय पाठ्यपुस्तकों की व्यवस्था आदि। इसके समाधान के लिए एनाटॉमी, बायोकैमिस्ट्री और फिजियोलॉजी की पहली वर्ष की पुस्तकों को हिंदी में अनुवादित किया गया और तकनीकी पुस्तकों के अनुवाद के लिए 'अनुवादिनी ऐप' भी लॉन्च की गई थी।

MBBS In Hindi: अब तक 30 छात्रों ने चुना हिंदी माध्यम

हिंदी माध्यम में एमबीबीएस (MBBS In Hindi) शुरू होने के बाद अब तक करीब 30 छात्रों ने इस विकल्प को चुना है। इन छात्रों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सरकार ने विशेष प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है। मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी, जबलपुर — जिसके अंतर्गत राज्य के सभी शासकीय मेडिकल और डेंटल कॉलेज आते हैं — ने यह स्पष्ट किया है कि हिंदी माध्यम के छात्रों को कई सुविधाएं दी जाएंगी।

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MBBS In Hindi: ये मिलेंगी सुविधाएं

  • परीक्षा शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट।
  • विश्वविद्यालय परीक्षा में टॉप करने वाले छात्रों को नकद पुरस्कार:
    • प्रथम स्थान पर आने वाले छात्र को ₹2 लाख
    • द्वितीय स्थान वाले को ₹1.5 लाख
    • तृतीय स्थान वाले को ₹1 लाख
    • चतुर्थ स्थान वाले को ₹50 हजार

भाषा नहीं बनेगी प्रतिभा की राह में बाधा: उपमुख्यमंत्री

राज्य के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने कहा कि इन प्रोत्साहनों से छात्रों को मातृभाषा हिंदी में प्रोफेशनल कोर्स करने का हौसला मिलेगा। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस पाठ्यक्रम की पहली से अंतिम सेमेस्टर तक की सभी किताबें अब हिंदी में उपलब्ध हैं और सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों को ये पुस्तकें दे दी गई हैं। https://twitter.com/rshuklabjp/status/1941347295754322074 उन्होंने यह भी बताया कि कॉलेजों के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे हिंदी में मेडिकल और डेंटल कोर्स को सहजता से पढ़ा सकें। छात्रों को कोई कठिनाई न हो, इसके लिए अतिरिक्त कक्षाओं और समाधान सत्रों की भी व्यवस्था की जाएगी।

ग्रामीण और हिंदीभाषी छात्रों को मिलेगा लाभ

उपमुख्यमंत्री शुक्ला ने कहा कि यह योजना उन छात्रों के आत्म-सम्मान और प्रतिभा को पहचानने का प्रयास है जो हिंदी माध्यम में दक्ष हैं। यह पहल ग्रामीण पृष्ठभूमि और हिंदीभाषी छात्रों को मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देगी।

MBBS In Hindi: विश्वविद्यालय को निर्देश

मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी को निर्देश दिया गया है कि वे हिंदी माध्यम (MBBS In Hindi) में परीक्षा देने वाले छात्रों को हर संभव सुविधा दें। कॉलेजों को ऐसे छात्रों की सूची विश्वविद्यालय को भेजनी होगी जो हिंदी में परीक्षा देना चाहते हैं। साथ ही, हिंदी में उत्तर पुस्तिका जांचने वाले परीक्षकों की नियुक्ति और व्यावहारिक कक्षाओं के लिए उपयुक्त व्यवस्था भी की जाएगी।