अस्पताल में तुरंत लिया गया बड़ा फैसला
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए आपातकालीन प्रसव का निर्णय लिया। उनका बेटा सुरक्षित रूप से जन्मा और नटालिया की हालत भी अब स्थिर है। हालांकि, डॉक्टरों ने चेताया: "अगर तुम उस रात सो जाती, तो तुम नहीं जागती।"
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प्रसव के बाद भी जारी रही जटिल स्थिति
प्रसव के बाद नटालिया का ब्लड प्रेशर लगातार पांच दिन तक ऊंचा बना रहा। एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें अस्थायी रूप से आंखों की रोशनी खोनी पड़ी। नटालिया ने कहा, “अब भी उस रात के बारे में सोचकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।”
प्रीक्लेम्पसिया: एक गंभीर लेकिन अनदेखी स्थिति
बाद में डॉक्टरों ने उन्हें प्रीक्लेम्पसिया नामक स्थिति से ग्रस्त बताया—जो गर्भवती महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर और अन्य लक्षणों के रूप में उभरती है। उन्होंने बताया कि उनके लक्षणों में चेहरे, हाथ और पैरों में सूजन, सिरदर्द, धुंधली दृष्टि, अचानक वजन बढ़ना और सांस लेने में दिक्कत शामिल थे।
ChatGPT को दिया धन्यवाद
नटालिया ने इंस्टाग्राम पर अपनी आपबीती साझा करते हुए लिखा, “धन्यवाद, ChatGPT। आपने दो लोगों की जान बचाई।” उनकी यह पोस्ट वायरल हो गई और इसने AI टूल्स की स्वास्थ्य देखभाल में भूमिका पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया।

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