BJ Medical College: दिल दहला देने वाला मंजर
हादसे के बाद परिसर में चारों ओर मलबा, जले हुए शव, ट्रैवल बैग, बिखरे हुए कपड़े और खाने की प्लेटें दिखाई दे रही थीं। बीजेएमसी मेस के अंदर छत का एक हिस्सा एक टेबल पर गिरा मिला, वहीं हॉस्टल में रखी 60 से ज्यादा खाने की प्लेटें जैसे की तैसी पड़ी थीं। एक पेड़ के नीचे यात्रियों के सूटकेस बिखरे मिले, जबकि बाकी पेड़ जल चुके थे और पत्ते तक नहीं बचे थे।
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मेडिकल छात्र भी हुए हादसे का शिकार
विमान का एक हिस्सा हॉस्टल मेस से टकराया, जिससे पांच मेडिकल छात्रों की मौत हो गई – इनमें चार ग्रेजुएट और एक पीजी छात्र था। सिविल अस्पताल और बीजेएमसी (BJ Medical College) की तीन इमारतें हादसे से सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं। अस्पताल कर्मचारियों की दो पांच मंजिला इमारतों में भी आग लग गई और वे पूरी तरह काली पड़ गईं।
दमकल, पुलिस और राहत टीमें जुटीं
गुजरात पुलिस, दमकल विभाग और एनडीआरएफ सहित सभी राहत एजेंसियों की टीमें रातभर मलबा हटाने और शवों की तलाश में जुटी रहीं। अर्थमूवर्स की मदद से ढही हुई दीवारों और कंक्रीट को हटाया गया। 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मियों ने बताया कि उन्होंने दो डॉक्टरों को बचाया जिनके चेहरे बुरी तरह झुलस गए थे।
केवल एक यात्री की बची जान
एयर इंडिया ने बताया कि विमान में 230 यात्री और 12 क्रू सदस्य थे। इनमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक शामिल थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी हादसे के बाद अहमदाबाद पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि विमान के अंदर का तापमान इतना अधिक था कि किसी के बचने की संभावना बेहद कम थी। फिर भी, एक यात्री चमत्कारिक रूप से बच गया है और उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है।

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