Ayush मंत्रालय की नवगठित परामर्श समिति (Consultative Committee) की पहली बैठक 19 अगस्त 2025 (मंगलवार) को आयोजित की जाएगी। इस बैठक का उद्देश्य मंत्रालय और सांसदों के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देना है, जिससे आयुष क्षेत्र की प्रमुख पहलों और भविष्य की रणनीतियों की समीक्षा और विचार-विमर्श हो सके।
इस बैठक की अध्यक्षता आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव करेंगे।
5 मई 2025 को गठित हुई स्वतंत्र समिति
भारत सरकार ने 5 मई 2025 को आयुष (Ayush) मंत्रालय के लिए एक अलग परामर्श समिति का गठन किया था। इससे पहले, आयुष मंत्रालय से संबंधित विषय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की परामर्श समिति के अंतर्गत ही निपटाए जाते थे।
स्वतंत्र समिति का गठन आयुष (Ayush) नीतियों और कार्यक्रमों पर केंद्रित संसदीय निगरानी और संवाद सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संस्थागत कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण और सरकार की प्रतिबद्धता
यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विज़न के अनुरूप है जिसमें उन्होंने पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को मज़बूत करने और भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने पर जोर दिया है।
प्रधानमंत्री लगातार राष्ट्रीय स्वास्थ्य ढांचे में आयुष (Ayush) प्रणालियों के एकीकरण और समग्र स्वास्थ्य (Holistic Health) को प्रोत्साहित करने की बात करते रहे हैं।
संयुक्त प्रयासों का नतीजा
इस समिति का गठन आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव के निरंतर प्रयासों और संसदीय कार्य मंत्रालय की समन्वित कार्रवाई का परिणाम है। समिति को इस वर्ष की शुरुआत में अधिसूचित किया गया था।
मंत्रालय को उम्मीद है कि समिति के सदस्यों के साथ होने वाली चर्चाएं देशभर में पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के एकीकरण और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में सहायक होंगी।
हाल ही की बड़ी पहलें
हाल ही में राष्ट्रीय औषधीय पौध बोर्ड (NMPB), आयुष मंत्रालय (Ayush) ने औषधीय पौधों के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौते केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव की उपस्थिति में निर्माण भवन, नई दिल्ली में संपन्न हुए।