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AYUSH मंत्रालय के बहुआयामी प्रयास, पारंपरिक चिकित्सा को मिलेगा नया आयाम

AYUSH मंत्रालय के बहुआयामी प्रयास, पारंपरिक चिकित्सा को मिलेगा नया आयाम

AYUSH: केंद्र सरकार देशभर में आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (AYUSH) चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से आयुष मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) के अंतर्गत राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं।

लोकसभा में लिखित उत्तर के दौरान केंद्रीय AYUSH राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने बताया कि NAM के तहत राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को उनकी वार्षिक कार्य योजना (State Annual Action Plans - SAAPs) के आधार पर अनुदान सहायता दी जाती है।

राष्ट्रीय AYUSH मिशन (NAM) के प्रमुख प्रावधान:

  1. आयुष स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों (AHWCs) का संचालन, जिन्हें अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर नाम दिया गया है।
  2. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और जिला अस्पतालों (DHs) में आयुष सुविधाओं का सह-स्थान।
  3. सरकारी आयुष अस्पतालों का उन्नयन।
  4. सरकारी/पंचायती/सरकारी सहायता प्राप्त आयुष औषधालयों का नवीनीकरण या नई इमारतों का निर्माण।
  5. 10/30/50 बिस्तरों वाले एकीकृत आयुष अस्पतालों की स्थापना।
  6. सरकारी आयुष अस्पतालों, औषधालयों और शिक्षण संस्थानों को आवश्यक औषधियों की आपूर्ति।
  7. आयुष जन स्वास्थ्य कार्यक्रम।
  8. आयुष ग्राम की अवधारणा का कार्यान्वयन।
  9. व्यवहार परिवर्तन संचार (BCC) गतिविधियाँ।
  10. जिन राज्यों में आयुष शिक्षण संस्थान पर्याप्त नहीं हैं, वहां नए आयुष कॉलेज की स्थापना।
  11. आयुष स्नातक, परास्नातक संस्थानों और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों का आधारभूत ढांचा विकास।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए केंद्रीय योजना (IC Scheme):

AYUSH मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयुष उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए इंटरनेशनल कोऑपरेशन स्कीम (IC Scheme) तैयार की है। इसके तहत भारतीय आयुष औषधि निर्माताओं और सेवा प्रदाताओं को निर्यात बढ़ाने में सहयोग दिया जाता है।

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अब तक इस योजना के अंतर्गत:

  • 25 देश-से-देश समझौता ज्ञापन (MoUs),
  • 15 आयुष चेयर समझौते,
  • 52 संस्थान-स्तरीय MoUs पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।
वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र (GTMC): WHO के सहयोग से जामनगर (गुजरात) में स्थापित यह केंद्र, पारंपरिक, पूरक एवं एकीकृत चिकित्सा (TCIM) के वैश्विक स्तर पर अनुसंधान एवं ज्ञान का प्रमुख केंद्र बनेगा।

अन्य केंद्रीय योजनाएं:

  • आयुष औषधि गुणवत्ता एवं उत्पादन संवर्धन योजना (AOGUSY)
  • सूचना, शिक्षा और संचार योजना (IEC)
  • औषधीय पौधों के संरक्षण, विकास और सतत प्रबंधन की योजना (CDSMMP)
  • आयुरस्वास्थ्य योजना
  • आयुर्ग्यान योजना
मंत्री ने कहा कि सरकार AYUSH प्रणाली को मुख्यधारा में लाने और इसकी वैश्विक पहचान को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।