- प्रोफाइलैक्टिक आयरन और फोलिक एसिड अनुपूरण: विभिन्न आयु समूहों के लिए आईएफए (आयरन और फोलिक एसिड) की खुराक निर्धारित की गई है। 6-59 महीने के बच्चों को आईएफए सिरप, 5-9 साल के बच्चों को गुलाबी आईएफए गोलियां, 10-19 साल के किशोरों को नीली आईएफए गोलियां दी जा रही हैं। प्रजनन आयु की महिलाओं को साप्ताहिक रूप से लाल आईएफए गोलियां और गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को 180 दिनों तक प्रतिदिन लाल आईएफए गोलियां दी जाती हैं।
- कृमि मुक्ति कार्यक्रम: गर्भवती महिलाओं को दूसरी तिमाही में एल्बेंडाजोल की गोली दी जाती है, जबकि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के दौरान सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोलियां प्रदान की जाती हैं।
- व्यवहार परिवर्तन संचार अभियान: सरकार एनीमिया की रोकथाम और उपचार को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न संचार कार्यक्रम चला रही है।
- एनीमिया जांच और उपचार: स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से नियमित जांच और एनीमिया प्रबंधन प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।
- आईएफए युक्त खाद्य पदार्थों का प्रावधान: सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में आईएफए युक्त खाद्य पदार्थों को अनिवार्य किया गया है।
- गैर-पोषण संबंधी कारणों का समाधान: मलेरिया, फ्लोरोसिस और हीमोग्लोबिनोपैथी जैसे गैर-पोषण संबंधी कारणों का समाधान किया जा रहा है।
सरकारी नीतियां
Anemia Mukt Bharat के लिए सरकार ने 805.91 करोड़ रुपये किए आवंटित
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