National Leprosy Eradication Programme: केंद्र सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम (NLEP) को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत लागू किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को उनकी जरूरतों, प्राथमिकताओं और संसाधन-सम्पन्नता के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
भारत ने 2005 में राष्ट्रीय स्तर पर कुष्ठ रोग उन्मूलन की स्थिति हासिल कर ली थी, जब इस रोग की प्रसार दर प्रति 10,000 जनसंख्या पर 1 से कम हो गई थी।
राष्ट्रीय रणनीतिक योजना एवं रोडमैप 2023-2027
भारत सरकार ने 30 जनवरी 2023 को राष्ट्रीय रणनीतिक योजना (NSP) और कुष्ठ रोग के लिए रोडमैप (2023-2027) लॉन्च किया, जिसका लक्ष्य 2027 तक इस बीमारी के प्रसार को पूरी तरह रोकना है। यह लक्ष्य संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (SDG) 2030 से तीन वर्ष पहले हासिल करने की योजना है।
मुख्य पहल:
कुष्ठ रोग के लिए "राष्ट्रीय रणनीतिक योजना एवं रोडमैप 2023-2027" और "एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के लिए राष्ट्रीय दिशा-निर्देश" जारी किए गए।
- कुष्ठ रोग मामलों का शीघ्र पता लगाने के लिए सक्रिय अभियान: ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आशा और अन्य फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के माध्यम से नियमित रूप से मामलों की पहचान की जाती है।
- बाल और किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रमों के साथ एकीकरण: राश्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) और राश्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (RKSK) के अंतर्गत 0-18 वर्ष के बच्चों की जांच की जाती है।
- आयुष्मान भारत योजना के तहत स्क्रीनिंग: 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की कुष्ठ रोग की जांच की जाती है।
- संक्रमण श्रृंखला को तोड़ने के लिए संपर्क अनुरेखण एवं पोस्ट एक्सपोजर प्रोफाइलैक्सिस (PEP): कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों को विशेष दवाएं दी जाती हैं।
- विकलांगता रोकथाम और चिकित्सा पुनर्वास (DPMR): प्रभावित व्यक्तियों को माइक्रोसेलुलर रबर (MCR) फुटवियर, सहायक उपकरण एवं स्व-देखभाल किट प्रदान की जाती हैं।
- पुनर्निर्माण सर्जरी (RCS): जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और केंद्रीय कुष्ठ संस्थानों में पुनर्निर्माण सर्जरी कराई जाती है और प्रत्येक रोगी को ₹12,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
लैप्रोसी केस डिटेक्शन कैंपेन (LCDC) के अंतर्गत वर्षों में पहचाने गए मामले:
वर्ष
राज्यों की संख्या
कुल नए मामले
2016
20
34,672
2017
23
32,714
2018
19
23,356
2019
23
23,077
2020
1
908
2022
17
18,067
2023
17
31,088
नि:शुल्क इलाज और आर्थिक सहायता
NLEP के तहत सभी रोगियों को मुफ्त उपचार और निदान सेवाएं प्रदान की जाती हैं। पुनर्निर्माण सर्जरी (RCS) कराने वाले मरीजों को ₹12,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी।