दिल्ली, 12 अगस्त 2026
Delhi High Court ने Medical Grounds पर Interim Bail मांगने वाले एक आरोपी की याचिका खारिज कर दी। मामला POCSO Case से जुड़ा है। Court के सामने यह तथ्य आया कि आरोपी की Medical Status Report पर एक Doctor ने खुद को Senior Medical Officer के तौर पर दर्शाते हुए हस्ताक्षर किए थे, जबकि वह उस Rank पर नियुक्त नहीं था। Court ने इस तरीके को “certainly not acceptable” बताया। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी पहले से ही Government Super-Speciality Hospitals में उपचार प्राप्त कर रहा था और उसकी स्थिति स्थिर बताई गई।
Medical Report पर उठे सवाल
आरोपी ने विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए Interim Bail की मांग की थी। इससे पहले उसकी Regular Bail Applications खारिज हो चुकी थीं और उसने कई बार Interim Bail के लिए आवेदन किया था। 13 जुलाई को Court ने Jail के Senior Medical Officer को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर आरोपी की Medical Condition से संबंधित Report की व्याख्या करने का निर्देश दिया था। साथ ही Jail Authorities को आरोपी को आवश्यक Medical Treatment उपलब्ध कराने को कहा गया था। बाद में Report की समीक्षा करते हुए Court ने इसकी लंबाई और प्रकृति पर भी सवाल उठाए तथा इसे Bail के समर्थन में तैयार की गई प्रतीत होने वाली Report बताया।
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Doctor की Rank पर Court ने जताई आपत्ति
सुनवाई के दौरान Court ने Medical Report पर हस्ताक्षर करने वाले Doctor की Designation की जांच की। सामने आया कि 6 जुलाई की Report पर Doctor ने Senior Medical Officer के रूप में हस्ताक्षर किए थे, जबकि वह उस पद पर नहीं था। पूछे जाने पर Doctor ने बताया कि Jail Doctors Rank की परवाह किए बिना इस तरह Reports पर हस्ताक्षर करते हैं। Court ने इस स्पष्टीकरण को स्वीकार नहीं किया। Court ने स्पष्ट किया कि Report केवल Senior Medical Officer की ओर से तैयार की गई नहीं दिखाई गई थी, बल्कि उसके अंतिम हिस्से में हस्ताक्षर करने वाले Doctor को सीधे Senior Medical Officer के रूप में प्रस्तुत किया गया था।
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आरोपी की हालत स्थिर, Bail Plea खारिज
Court ने यह भी नोट किया कि Report में आरोपी के Government Super-Speciality Hospitals में पहले से उपचार लेने की जानकारी थी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि Jail से बाहर आने पर उसे ऐसा कौन-सा अतिरिक्त Treatment मिलेगा जो उसे वहां उपलब्ध नहीं हो रहा था। बाद में वास्तविक Senior Medical Officer ने Court को बताया कि आरोपी की स्थिति Stable है और उसे आगे Seizures या Bleeding नहीं हुई है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि आरोपी का उपचार Super-Speciality Hospitals में चल रहा है। इन परिस्थितियों में Court ने Interim Bail Application खारिज कर दी।
Court ने हालांकि आरोपी के Medical Treatment को लेकर Jail Authorities को स्पष्ट निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि आरोपी को उसकी स्थिति के अनुसार Best Possible Medical Treatment उपलब्ध कराया जाना चाहिए और इसे उसका Fundamental Right माना। Court ने अपने आदेश की एक प्रति Director General (Prisons) को भी जानकारी और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजने का निर्देश दिया।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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