लखनऊ, 25 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के सरकारी डॉक्टरों ने Non-Practising Allowance (NPA) को Optional बनाने और Service Rules में संशोधन की मांग उठाई है। Provincial Medical Services Association (PMSA) का कहना है कि मौजूदा नियम विशेषज्ञ डॉक्टरों को सरकारी सेवा में आने के लिए पर्याप्त रूप से आकर्षित नहीं कर रहे हैं। एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, जो डॉक्टर सरकारी सेवा के साथ Private Practice नहीं करना चाहते, उन्हें NPA का विकल्प मिलना चाहिए, जबकि अन्य डॉक्टरों को तय नियमों के तहत ड्यूटी के बाद Private Practice की अनुमति दी जानी चाहिए।
Specialist Doctors की कमी पर जताई चिंता
PMSA ने दावा किया कि राज्य सरकार ने Specialist Doctors के लिए 3,602 Level-2 पद सृजित किए थे, लेकिन पिछले छह वर्षों में केवल 486 विशेषज्ञ डॉक्टर ही इन पदों पर नियुक्त हुए। एसोसिएशन का कहना है कि यह आंकड़ा दर्शाता है कि मौजूदा Service Rules और NPA व्यवस्था विशेषज्ञ डॉक्टरों को सरकारी सेवा की ओर आकर्षित करने में सफल नहीं हो रही है। संगठन का मानना है कि यदि NPA को Optional बनाया जाए और नियमों में व्यावहारिक बदलाव किए जाएं, तो अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ सकते हैं।
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Private Practice को लेकर रखा प्रस्ताव
डॉक्टरों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में निर्धारित ड्यूटी पूरी करने के बाद इच्छुक डॉक्टरों को Private Practice की अनुमति मिलनी चाहिए, जबकि NPA लेने वाले डॉक्टर Private Practice न करें। एसोसिएशन के अनुसार, इससे डॉक्टरों को अपनी आवश्यकता के अनुसार विकल्प चुनने का अवसर मिलेगा और सरकारी सेवा भी अधिक आकर्षक बन सकेगी। उनका तर्क है कि इससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती और उन्हें सरकारी सेवा में बनाए रखने में मदद मिलेगी, जिससे मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
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सरकार से नियमों में संशोधन की अपील
PMSA ने राज्य सरकार से Service Rules की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि वर्तमान नीति में बदलाव से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने में सहायता मिलेगी। फिलहाल राज्य सरकार की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक निर्णय या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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