नई दिल्ली, 22 जुलाई 2026
NEET परीक्षा प्रणाली में लगातार उठ रहे विवादों के बीच United Doctors Front (UDF) ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर National Testing Agency (NTA) की जगह संसद के कानून के तहत एक स्वतंत्र National Examination Authority गठित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि देश के लाखों छात्रों का भविष्य तय करने वाली राष्ट्रीय परीक्षाओं के संचालन के लिए मौजूदा व्यवस्था में व्यापक संस्थागत सुधार आवश्यक हैं। UDF ने इसे केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि छात्रों के हितों की सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने की दिशा में जरूरी कदम बताया है।
संसद के कानून से नई संस्था की मांग
UDF ने अपने पत्र में कहा कि वर्तमान NTA एक सोसायटी के रूप में कार्य करती है, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। संगठन ने मांग की है कि नई National Examination Authority का गठन संसद के अधिनियम के माध्यम से किया जाए, ताकि उसकी संरचना, अधिकार और जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से कानून के दायरे में हों। UDF का कहना है कि ऐसी संस्था सीधे संसदीय निगरानी, वित्तीय पारदर्शिता, सख्त कानूनी प्रावधानों और प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली के साथ काम कर सकेगी। संगठन ने यह भी कहा कि यह प्रस्ताव पहले भी संसदीय समिति के समक्ष रखी गई सिफारिशों और Supreme Court में लंबित जनहित याचिका के अनुरूप है।
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NEET सुधार की जरूरत पर जोर
डॉक्टर्स संगठन का कहना है कि हाल के वर्षों में NEET परीक्षा से जुड़े विवादों और अनियमितताओं ने छात्रों तथा अभिभावकों के बीच परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को प्रभावित किया है। इसी कारण व्यापक परीक्षा सुधार की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है। UDF ने कहा कि केवल एक परीक्षा से जुड़े मुद्दों का समाधान पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि ऐसी संस्थागत व्यवस्था विकसित करनी होगी जो भविष्य में पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। संगठन ने दोहराया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किया जाना चाहिए।
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Supreme Court तक पहुंच चुका मामला
यह पहली बार नहीं है जब UDF ने NTA में बदलाव की मांग की है। इससे पहले संगठन NEET परीक्षा प्रणाली में सुधार और NTA के स्थान पर नई वैधानिक संस्था बनाने की मांग को लेकर Supreme Court में जनहित याचिका दायर कर चुका है। इसके अलावा संगठन ने Department-related Parliamentary Standing Committee के समक्ष भी परीक्षा सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने से जुड़े सुझाव प्रस्तुत किए थे। ताजा पत्र में भी UDF ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से इन सिफारिशों पर गंभीरता से विचार करने तथा छात्रों के हित में दीर्घकालिक सुधार लागू करने की अपील की है।
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हर्षित गोयल
पत्रकार (BJMC)
डिजिटल मीडिया, कॉपी एडिटिंग, न्यूज़ राइटिंग एवं प्रूफरीडिंग का अनुभव रखते हैं। राजनीति, मनोरंजन, व्यापार और करंट समाचारों के लेखन, संपादन में सक्रिय हैं।
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