सहारनपुर, 06 जून 2026
Saharanpur में लगातार बढ़ते तापमान और heatwave जैसी स्थिति के कारण अस्पतालों में dehydration-related cases बढ़ गए हैं। इसके चलते ORS (Oral Rehydration Solution) और ग्लूकोज की खपत में स्पष्ट वृद्धि दर्ज की गई है।
Dehydration और Heat Illness के मामले बढ़े
जिले के सरकारी और प्राइवेटअस्पतालों में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिनमें अधिकतर cases dehydration, कमजोरी, चक्कर आना, सिर दर्द, उल्टी और heat exhaustion से जुड़े हैं। डॉक्टरों के अनुसार, तेज गर्मी में शरीर से पानी और electrolytes तेजी से कम हो जाते हैं, जिससे blood pressure गिरने, थकान और बेहोशी जैसी स्थितियाँ भी देखी जा रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में लंबे समय तक धूप में रहने, कम पानी पीने और बाहर के तले-भुने खाने का सेवन स्थिति को और गंभीर बना देता है।
ORS और Glucose की बढ़ी खपत
Medical staff के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में ORS packets और intravenous glucose की demand सामान्य से कई गुना बढ़ गई है। कई अस्पतालों में emergency treatment के दौरान glucose drip और ORS solution का उपयोग लगातार किया जा रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि mild cases में ORS से ही मरीजों की स्थिति संभल जाती है, लेकिन गंभीर dehydration के मामलों में IV fluids और glucose therapy की जरूरत पड़ रही है। कुछ अस्पतालों में heat-related admissions के कारण emergency wards में भीड़ बढ़ गई है।
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ज्यादा प्रभावित वर्ग और जोखिम
चिकित्सकों के अनुसार इस मौसम में सबसे ज्यादा खतरा बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से chronic diseases (जैसे diabetes, BP और kidney problems) वाले मरीजों को है। इन वर्गों में heat stroke और severe dehydration का जोखिम अधिक देखा जा रहा है।
डॉक्टरों ने यह भी बताया कि outdoor workers जैसे मजदूर, ट्रैफिक पुलिस और खेतों में काम करने वाले लोग भी लगातार heat exposure के कारण अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
Medical Advisory और Prevention
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे पर्याप्त मात्रा में पानी, ORS और electrolyte-rich fluids का सेवन करें। दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचने, हल्के और घर के बने भोजन को प्राथमिकता देने और cotton कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
डॉक्टरों ने यह भी चेतावनी दी है कि चक्कर आना, अत्यधिक प्यास, पेशाब का कम होना या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत medical help लें।
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