नई दिल्ली, 25 मई 2026 (PIB)
आयुष मंत्रालय के तहत भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी के लिए फार्माकोपिया आयोग (PCIM&H) ने नई दिल्ली में आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी (ASU&H) दवाओं से जुड़े औषधि नियामकों, गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारियों और निर्माताओं के लिए आयोजित 5 दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन कर दिया। यह कार्यक्रम 18 मई से 22 मई 2026 तक आयोजित किया गया।
Quality Standards पर जोर
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ASU&H दवा क्षेत्र में Regulatory Understanding को मजबूत करना, Technical Capabilities को बढ़ाना और Quality Assurance System को और प्रभावी बनाना था। कार्यक्रम में देशभर के Regulatory Bodies, Research Councils, Pharmaceutical Industries और Academic Institutions से जुड़े कुल 28 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
![]()
Practical Sessions आयोजित
कार्यक्रम के शुरुआती दो दिनों में प्रतिभागियों को ASU&H दवाओं की Pharmacognostic Identification, Phytochemical Analysis और Good Manufacturing Practices (GMP) से जुड़े तकनीकी विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही Pharmacognosy और Chemistry Laboratories में Practical Sessions भी आयोजित किए गए।
तीसरे दिन Shelf-Life Studies और Regulatory Framework पर विशेषज्ञ व्याख्यान हुए। प्रतिभागियों को उद्योग की कार्यप्रणाली और Quality Systems की जानकारी देने के लिए Dr. Willmar Schwabe India Private Limited और Hamdard Laboratories का Industrial Visit भी कराया गया।
Standardization पर चर्चा
चौथे दिन Microbiological Evaluation और Regulatory Aspects पर सत्र आयोजित किए गए, जिनमें Laboratory-based Practical Training भी शामिल रही। अंतिम दिन Pharmacological Studies, GMP और Metal एवं Mineral-based Medicines के Standardization पर विशेष फोकस किया गया।
![]()
Senior Officials रहे मौजूद
उद्घाटन सत्र में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की मुख्य लेखा नियंत्रक जसपाल कौर प्रद्योत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। वहीं आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड के निदेशक (तकनीकी) एवं डिप्टी CEO अब्दुल कयूम विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
PCIM&H के निदेशक रमन मोहन सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया।
समापन सत्र में भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग की अध्यक्ष मनीषा उपेंद्र कोठेकर मुख्य अतिथि रहीं, जबकि आयुष मंत्रालय के प्रधान सलाहकार एवं सेवानिविवृत्त विशेष सचिव प्रमोद कुमार पाठक विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
Regulatory समझ बढ़ाने की कोशिश
आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम Expert Lectures, Practical Laboratory Training और Ground-level Exposure का एक व्यापक मंच साबित हुआ। इससे प्रतिभागियों की Pharmacopoeial Standards, GMP और Regulatory Frameworks को लेकर समझ और तकनीकी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जो भविष्य में देश में ASU&H दवाओं की Quality Assurance System को मजबूत करने में सहायक होगी।
Discussion about this post