नई दिल्ली, 21 मई 2026
Online Medicine Sale पर बढ़ा विवाद
देशभर में बुधवार को दवा कारोबार से जुड़े व्यापारियों ने Online Medicine Sale के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। कई राज्यों में मेडिकल स्टोर बंद रहे और Chemists Associations ने e-Pharmacy Platforms के खिलाफ सख्त नियम बनाने की मांग उठाई। इस बंद का असर कई शहरों में देखने को मिला, जहां लोगों को जरूरी दवाइयां लेने में परेशानी हुई।
कई राज्यों में दिखा बंद का असर
दिल्ली, महाराष्ट्र, झारखंड, तमिलनाडु, कर्नाटक और ओडिशा समेत कई राज्यों में मेडिकल स्टोर्स बंद रखे गए। हालांकि कुछ जगहों पर Emergency जरूरतों को देखते हुए चुनिंदा दुकानों को खुला रखा गया, ताकि गंभीर मरीजों को दिक्कत न हो।
कुछ शहरों में लोग सुबह से दवाइयों के लिए भटकते दिखाई दिए। अस्पतालों के आसपास मौजूद मेडिकल स्टोर्स पर ज्यादा भीड़ देखी गई। वहीं कई लोगों ने सोशल Media पर भी अपनी परेशानी साझा की।
Chemists ने क्यों किया विरोध?
दवा व्यापारियों का कहना है कि Online Platforms पर दवाइयों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है, लेकिन उसके लिए स्पष्ट और मजबूत निगरानी व्यवस्था नहीं है। उनका आरोप है कि कई बार Prescription वाली दवाइयां भी आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं, जिससे गलत इस्तेमाल का खतरा बढ़ सकता है।
व्यापारियों ने यह भी कहा कि Online Platforms पर भारी Discount दिए जाने से छोटे मेडिकल स्टोर आर्थिक दबाव में आ रहे हैं। उनका कहना है कि स्थानीय Chemists सिर्फ कारोबार ही नहीं, बल्कि Emergency में लोगों की तुरंत मदद का भी अहम हिस्सा होते हैं।
Online Pharmacy को लेकर लंबे समय से चल रही बहस
भारत में Online Medicine Delivery को लेकर पिछले कई वर्षों से बहस जारी है। एक पक्ष इसे लोगों के लिए सुविधाजनक मानता है, जबकि दूसरा पक्ष कहता है कि दवाइयों की बिक्री सीधे स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है, इसलिए इसमें कड़ी निगरानी जरूरी है।
कोविड महामारी के दौरान Online Medicine Delivery का इस्तेमाल काफी बढ़ा था। इसके बाद कई e-Pharmacy कंपनियों का कारोबार तेजी से आगे बढ़ा। अब पारंपरिक Chemists Associations लगातार सरकार से Regulation मजबूत करने की मांग कर रही हैं।
सरकार पर बढ़ा दबाव
हड़ताल के बाद अब सरकार पर दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाने का दबाव बढ़ गया है। दवा व्यापारी चाहते हैं कि Online Platforms के लिए सख्त नियम बनाए जाएं, जबकि Digital Health Sector से जुड़े लोग इसे आधुनिक सुविधा का हिस्सा बता रहे हैं।
फिलहाल इस मुद्दे पर सरकार की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन आने वाले समय में Online Medicine Sale को लेकर नई गाइडलाइन या नियमों पर चर्चा तेज हो सकती है।
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