नई दिल्ली ( 2 अप्रैल 2026) । अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), नई दिल्ली द्वारा शुरू की गई “पुलिस कर्मियों के लिए आयुर्वेद पद्धतियों द्वारा तनाव प्रबंधन” जन स्वास्थ्य परियोजना (PHI) ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
इस पहल के तहत अब तक 35,704 पुलिस कर्मियों को जागरूक किया जा चुका है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य के प्रति नई समझ विकसित हुई है।
🧠 मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष जोर
संस्थान के निदेशक प्रदीप कुमार प्रजापति ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की परिभाषा का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति की कार्यक्षमता, तनाव से निपटने की क्षमता और समाज में योगदान की नींव है।
👩⚕️ परियोजना का संचालन और उद्देश्य
इस परियोजना का नेतृत्व मेधा कुलकर्णी (प्रधान अन्वेषक) और मीना देवगड़े (सह-प्रधान अन्वेषक) कर रही हैं।
परियोजना का उद्देश्य पुलिस कर्मियों को आयुर्वेद आधारित समग्र, निवारक और उपचारात्मक समाधान प्रदान करना है, क्योंकि वे अत्यधिक तनावपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं।
📊 प्रमुख उपलब्धियां
206 स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन
7,752 पुलिस कर्मियों की स्वास्थ्य जांच
1,843 कर्मियों को आयुर्वेदिक उपचार
शिरोधारा और औषधियों जैसी पारंपरिक चिकित्सा का उपयोग
📱 तकनीकी पहल
परियोजना के तहत एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन भी विकसित किया गया है, जो तनाव प्रबंधन में मदद करता है और पुलिस कर्मियों को आसान तरीके से मार्गदर्शन प्रदान करता है।
👮♂️ दिल्ली पुलिस का सहयोग
दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त अतुल कटियार ने इस पहल की सराहना करते हुए आयुर्वेद की समग्र उपचार पद्धति को महत्वपूर्ण बताया। पुलिस कल्याण विभाग ने परियोजना के लिए आवश्यक स्थान और सहयोग उपलब्ध कराया।
🏫 कार्यशाला का आयोजन
24 मार्च 2026 को एआईआईए द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें आयुष मंत्रालय के विशेषज्ञों और विभिन्न आयुर्वेद संस्थानों के विद्वानों ने भाग लिया।
इस दौरान तनाव प्रबंधन, स्मृति ध्यान और व्यावसायिक दबाव से निपटने के आयुर्वेदिक उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।
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