World Homeopathy Day: सहारनपुर। ग्रेजुएट होम्योपैथिक डॉक्टर्स एसोसिएशन सहारनपुर द्वारा
होम्योपैथिक चिकित्सा के जनक डॉ. सैमुएल हैनिमैन का 270वां जन्मोत्सव एवं विश्व होम्योपैथिक दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के प्रमुख होम्योपैथिक चिकित्सकों की उपस्थिति में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ एसोसिएशन के संरक्षक एवं वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. पी.डी. गर्ग, मुख्य होम्योपैथिक निदेशक डॉ. नेत्रपाल सिंह तथा जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. विवेक कुमार यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
अध्यक्षीय संबोधन में संस्था के अध्यक्ष डॉ. शिशिर भारद्वाज ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि होम्योपैथिक चिकित्सा न केवल प्राकृतिक और सुरक्षित पद्धति है, बल्कि यह मानवता की सेवा का एक प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने युवा चिकित्सकों को प्रेरित करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी को इस चिकित्सा पद्धति की वैज्ञानिकता और शैक्षणिक स्तर को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रयास करने होंगे।
संस्था के संरक्षक और होम्योपैथिक चिकित्सा क्षेत्र में प्रसिद्ध डॉ. पी.डी. गर्ग ने बताया कि संस्था के माध्यम से समय-समय पर चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जाता है, जिससे समाज के हर वर्ग को लाभ मिल सके। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए पूरी टीम को शुभकामनाएँ दीं।
संस्था के सचिव डॉ. अजय सैनी ने संस्था की प्रगति और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए सभी को हैनिमैन जयंती की बधाई दी। वहीं, डॉ. सोनिया मनचंदा ने डॉ. हैनिमैन के जीवन परिचय और उनके चिकित्सा दर्शन को सुंदरता से प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर डॉ. शमशाद और कोषाध्यक्ष डॉ. संदीप ठक्कर द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें चिकित्सकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. अजय वालिया, डॉ. एस.के. जैन, डॉ. संदीप पसरीचा, डॉ. मनोज सिंघल, डॉ. अभिनव गर्ग, डॉ. संजय शर्मा, डॉ. पूनम यादव सहित अनेक गणमान्य चिकित्सकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. पी.डी. गर्ग ने सभी उपस्थित सदस्यों को आयोजन की सफलता के लिए बधाई दी और मुख्य अतिथि सहित विशिष्ट अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
समारोह में एसोसिएशन परिवार के रूप में डॉ. बलजिंदर कौर, डॉ. रमेश मनचंदा, डॉ. राकेश शर्मा, डॉ. हरिश मनचंदा, डॉ. शिवदर्शन पुंडीर, डॉ. सतीश चावला, डॉ. मनीष भाम्बे, डॉ. विनीत चौधरी, डॉ. रोहन मनचंदा, डॉ. चैतन्य वशिष्ठ, डॉ. शिवाय, डॉ. प्रवेश कुमार, डॉ. अंशुल जैन समेत अनेक चिकित्सक उपस्थित रहे।
इस आयोजन ने न केवल डॉ. हैनिमैन की शिक्षाओं को पुनः स्मरण कराया, बल्कि होम्योपैथिक चिकित्सा की सामाजिक उपयोगिता और प्रभावशीलता को भी रेखांकित किया।