Fake Medicine: स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने फव्वारा दवा बाजार में शनिवार को छापेमारी कर सर्दी-जुकाम, एलर्जी, एंटीबायोटिक और अन्य सामान्य व जीवन रक्षक दवाओं की नकली खेप बरामद की।
करोड़ों रुपये की नकली दवाओं (Fake Medicine) के मामले में कार्रवाई से बचने के लिए कारोबारी हिमांशु अग्रवाल एक करोड़ रुपये की रिश्वत देने पहुंचे, जिन्हें टीम ने गिरफ्तार कर लिया।
एसटीएफ और औषधि विभाग की टीम ने 214 कार्टन नकली दवाएं (Fake Medicine) जब्त की हैं। जांच में 14 दवाओं के नमूने लिए गए। सहायक औषधि आयुक्त अतुल उपाध्याय ने बताया कि जाइडस, ग्लेनमार्क, सन फार्मा, सनोफी समेत आधा दर्जन कंपनियों ने नकली दवा की बिक्री की शिकायत दर्ज कराई थी। दो महीने से एसटीएफ और औषधि विभाग की टीम इस नेटवर्क की जांच में जुटी थी।
हिमांशु अग्रवाल रिश्वत देने पहुंचा, गिरफ्तार
हे मां मेडिको फर्म के संचालक हिमांशु अग्रवाल ने कार्रवाई रोकने के लिए टीम को एक करोड़ रुपये की रिश्वत देने का प्रयास किया। टीम ने मुख्यालय को सूचना देकर जाल बिछाया और बैग में रखी 500-500 रुपये की नोटों की गड्डी के साथ उसे पकड़ लिया। बाद में नोटों की गिनती मशीन से की गई।
नकली दवाओं का बड़ा नेटवर्क: चेन्नई से नेपाल तक
हिमांशु अग्रवाल की पूछताछ में सामने आया कि नकली दवा (Fake Medicine) का यह सिंडिकेट चेन्नई से नेपाल तक फैला हुआ है। दक्षिण भारत के दवा माफिया के सहयोग से आगरा के कारोबारी नकली दवाएं तैयार कर नेपाल, बांग्लादेश और देश के 12 राज्यों में सप्लाई कर रहे थे।
- लखनऊ के फर्म के नाम पुडुचेरी की कंपनी से 87 लाख रुपये की नकदी दवाइयां भेजी गई थीं।
- अब तक 37 करोड़ रुपये की नकली दवाएं जब्त की जा चुकी हैं।
बंसल मेडिकल और हे मां मेडिको फर्म पर छापेमारी
टीम ने सैयद गली मोती कटरा स्थित हे मां मेडिको फर्म और गोगिया मार्केट स्थित बंसल मेडिकल एजेंसी के गोदामों को सील कर दिया। दवाओं के क्यूआर कोड और पैकेजिंग की जांच की गई। देर रात तक टीम ने सर्दी-जुकाम, बुखार, दर्द निवारक और चर्म रोग की दवाओं समेत करोड़ों रुपये की नकली दवाओं (Fake Medicine) को जब्त किया।
- चेन्नई से ट्रेन द्वारा आगरा पहुंची सनोफी की ऐलेग्रा 120 टैबलेट भी जब्त की गई।
- ऑटो चालक आदिक से पूछताछ के बाद फरहान के घर पर भी छापेमारी की गई।
कारोबारियों के टर्नओवर का खुलासा
औषधि विभाग की जांच में पता चला कि हिमांशु अग्रवाल की फर्म हे मां मेडिको का टर्नओवर 450 करोड़ रुपये है, जबकि बंसल मेडिकल का 350 करोड़ रुपये का है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नकली दवा (Fake Medicine) सिंडिकेट के पर्दाफाश से स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा टला है। जांच अभी कई दिन तक जारी रहेगी।