नई दिल्ली, 28 जुलाई 2026
केंद्र सरकार ने मानसून के दौरान फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि Dengue, Malaria, Diarrhea और Leptospirosis जैसी बीमारियों की निगरानी, जांच और उपचार व्यवस्था को मजबूत किया गया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दवाएं, जांच सामग्री और तकनीकी दिशानिर्देश उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि रोगों का जल्दी पता लगाकर समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी।
Dengue-Malaria निगरानी तेज
सरकार के अनुसार, Malaria की शुरुआती पहचान और पूर्ण उपचार के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से राज्यों को दवाएं और निदान सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं Dengue Surveillance के लिए देशभर में 887 Sentinel Surveillance Hospitals और 27 Apex Referral Laboratories का नेटवर्क स्थापित किया गया है। राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (NIV), पुणे द्वारा इन प्रयोगशालाओं को IgM Test Kits उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा Leptospirosis Prevention and Control Programme (PPCL) के तहत चयनित प्रयोगशालाओं को उपकरण और उपभोग्य सामग्री खरीदने के लिए वित्तीय सहायता दी गई है। सरकार का कहना है कि इन कदमों से रोगों की समय पर पहचान और प्रयोगशाला जांच क्षमता में सुधार हुआ है।
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मच्छर नियंत्रण पर विशेष फोकस
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में Integrated Vector Management लागू किया जा रहा है। इसके तहत आंतरिक अवशिष्ट छिड़काव, मच्छरदानियों का वितरण, लार्वाभक्षी मछलियों का उपयोग और शहरी क्षेत्रों में लार्वा नियंत्रण उपाय किए जा रहे हैं। जैविक लार्वानाशकों और सूक्ष्म पर्यावरणीय प्रबंधन के माध्यम से मच्छरों के प्रजनन स्थलों को कम करने पर भी जोर दिया गया है। सरकार ने पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सदस्यों और धार्मिक व सामुदायिक नेताओं को भी जागरूकता अभियान से जोड़ने की रणनीति अपनाई है ताकि स्थानीय स्तर पर रोकथाम के उपाय प्रभावी ढंग से लागू किए जा सकें।
Diarrhea और Leptospirosis पर अभियान
सरकार ने बताया कि Stop Diarrhea Campaign पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में डायरिया से होने वाली बीमारी और मृत्यु को कम करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। यह अभियान Protect, Prevent and Treat (PPT) रणनीति पर आधारित है और ORS तथा Zinc Supplementation के उपयोग को बढ़ावा देता है। वहीं Leptospirosis के मामलों की निगरानी के लिए IDSP के माध्यम से केस आधारित निगरानी को मजबूत किया गया है। राज्यों को समय पर रिपोर्टिंग, शुरुआती एंटीबायोटिक उपचार और प्रयोगशालाओं में IgM ELISA Kits की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। NCDC इस कार्यक्रम के माध्यम से निगरानी, निदान क्षमता, रोगी प्रबंधन और प्रकोप नियंत्रण को सुदृढ़ कर रहा है।
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Real-Time Monitoring और जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि राज्यों को IHIP-VBD Portal पर Real-Time Data Entry और Monitoring का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे रोगों की निगरानी और प्रकोप की पहचान तेज होगी। साथ ही सोशल Media, रेडियो, टेलीविजन, समाचार पत्र और अन्य संचार माध्यमों के जरिए जनस्वास्थ्य संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। मंत्रालय ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया दलों की तैनाती, दवाओं और कीटनाशकों का पर्याप्त भंडार तथा निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के लिए राज्यों को नियमित परामर्श जारी किए जा रहे हैं। शहरी बाढ़ प्रबंधन राज्य सरकारों और शहरी स्थानीय निकायों के अधिकार क्षेत्र में है, जबकि केंद्र सरकार तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।
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