नई दिल्ली, 30 जुलाई 2026
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री JP Nadda ने पश्चिम बंगाल के सांसदों से TB Mukt Bharat अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने की अपील की है। संसद के मानसून सत्र के दौरान आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक TB उन्मूलन का लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब जनप्रतिनिधि, प्रशासन और समाज मिलकर काम करेंगे। उन्होंने बताया कि WHO Global TB Report 2025 के अनुसार वर्ष 2015 से 2024 के बीच भारत में TB मामलों में 21% की कमी दर्ज की गई है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह गिरावट 12% रही। इसके अलावा भारत में TB Treatment Coverage बढ़कर 92% तक पहुंच गई है, जो वैश्विक औसत 78% से काफी अधिक है।
सांसदों को दिए कई अहम सुझाव
बैठक में JP Nadda ने सांसदों से अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि Nikshay Shivir के माध्यम से शुरुआती पहचान, जागरूकता अभियान और सामाजिक कलंक को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। साथ ही जिला और ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर TB सेवाओं की निगरानी मजबूत करने, Nikshay Mitra और स्थानीय संगठनों को जोड़कर मरीजों को पोषण, मनो-सामाजिक और आजीविका सहायता उपलब्ध कराने तथा उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में Ayushman Arogya Camp आयोजित करने पर भी जोर दिया।
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AI और Digital Technology से मिली नई ताकत
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत की TB Elimination Strategy में स्वदेशी तकनीकों और AI की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि TruNat Molecular Diagnostic Machines ने MDR-TB की पहचान को तेज बनाया है, जबकि AI-enabled Handheld X-Ray Machines ने दूरदराज क्षेत्रों में शुरुआती जांच को आसान किया है। PM CARES के सहयोग से संचालित पोर्टेबल एक्स-रे यूनिट घर-घर पहुंचकर जांच सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में TB मामलों की अनिवार्य सूचना और मुफ्त दवाओं की उपलब्धता भी मरीजों पर आर्थिक बोझ कम करने में मदद कर रही है।
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100-Day Campaign की हुई समीक्षा
बैठक में 100-Day TB Mukt Bharat Campaign की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सरकार के अनुसार अभियान का पहला चरण 7 दिसंबर 2024 से 24 मार्च 2025 तक चला, जबकि दूसरा चरण 24 मार्च 2026 से देशभर के करीब 1.58 लाख उच्च जोखिम वाले गांवों और शहरी वार्डों में संचालित किया गया। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अतिरिक्त सचिव आराधना पटनायक ने बताया कि देश में Molecular Testing क्षमता बढ़कर 9,000 से अधिक मशीनों तक पहुंच गई है और लगभग 3,000 AI-सक्षम Handheld X-Ray Units समय पर TB की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। पश्चिम बंगाल के सांसदों ने भी जागरूकता अभियान, शुरुआती जांच और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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