शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विश्वविद्यालय को केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया और शीघ्र ही जामिया का दौरा करने का वादा भी किया। उन्होंने JMI के प्रयासों की सराहना की और इसके विकास में अपना पूर्ण सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई।
JMI में डेंटल फैकल्टी को मिला नया आयाम
बैठक के दौरान कुलपति और कुलसचिव ने बताया कि विश्वविद्यालय ने डेंटल फैकल्टी में पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम शुरू कर एक अहम उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने इसके लिए शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई आर्थिक सहायता के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही, प्रो. आसिफ और प्रो. रिजवी ने डेंटल फैकल्टी को सशक्त बनाने में शिक्षा मंत्री के प्रोत्साहन को महत्वपूर्ण बताया।
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रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी की सफलता
इस अवसर पर जामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी (RCA) की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया गया। विश्वविद्यालय अधिकारियों ने बताया कि RCA हर साल UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 30 से अधिक उम्मीदवारों को सफल बनाती है, जो अल्पसंख्यक, सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
एचईएफए प्रोजेक्ट्स और वित्तीय स्थिति पर चर्चा
बैठक में विश्वविद्यालय की आर्थिक स्थिति और हायर एजुकेशनल फाइनेंसिंग एजेंसी (HEFA) के तहत चल रहे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की गई। कुलपति और कुलसचिव ने प्रोजेक्ट्स की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त की और मंत्रालय से इसमें सहयोग की मांग की।
नए विभागों और दीक्षांत समारोह पर भी हुई बातचीत
कुलपति और कुलसचिव ने विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक विभागों की स्थापना के प्रस्ताव भी शिक्षा मंत्री के समक्ष रखे। इसके अतिरिक्त, शीघ्र आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह पर भी विस्तृत चर्चा हुई। कुलपति ने मंत्री से कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि के चयन में सहयोग मांगा।
बैठक के अंत में शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए प्रो. मजहर आसिफ और प्रो. महताब रिजवी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जामिया के शैक्षणिक और संस्थागत विकास के लिए हर संभव समर्थन देने का आश्वासन दिया।

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