Recruitment Rules पर अटका Career
Jammu and Kashmir Medical College से जुड़े कर्मचारियों के अनुसार पांच नए GMCs की स्थापना के बाद विभिन्न Non-Gazetted posts पर कर्मचारियों की नियुक्तियां Jammu and Kashmir Services Selection Board (JKSSB) के माध्यम से 2019, 2020 और 2021 में की गई थीं। इनमें Storekeeper, Clerk, Computer Operator, Record Keeper, Junior Staff Nurse, Lab Assistant, Technical Assistant, Junior Pharmacist, Radiography Technician, Physiotherapist, Occupational Therapist और Multi Tasking Staff सहित कई पद शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि Service Recruitment Rules के finalisation में देरी के कारण Departmental Promotion Committee (DPC) की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और कई कर्मचारियों के लिए Promotion का रास्ता स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।यह भी पढ़ें: Pill Splitting: हर गोली को आधा करना सुरक्षित नहीं, जानें किन दवाओं को नहीं तोड़ना चाहिए...
2025 में Draft Rules हुए थे जारी
कर्मचारियों के अनुसार Recruitment Rules का Draft वर्ष 2025 में stakeholders से objections और suggestions लेने के लिए जारी किया गया था। इसके बावजूद Rules को अंतिम रूप देकर लागू नहीं किया जा सका है। कर्मचारियों का कहना है कि यह देरी अब उनके Career Progression पर सीधा असर डाल रही है। रिपोर्ट के अनुसार कई कर्मचारी Promotion के लिए पात्र होने की स्थिति में हैं, लेकिन Recruitment Rules के अभाव में DPC की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि सरकार जल्द से जल्द Rules को finalise करे और संबंधित ARI & Trainings Department से आवश्यक approval लेकर उन्हें लागू करे।Strike से Hospital Services पर नजर
Jammu and Kashmir Medical College से जुड़े कर्मचारियों का आंदोलन केवल Service Conditions तक सीमित नहीं है, क्योंकि इन कर्मचारियों की भूमिका Medical Colleges और उनसे जुड़े Hospitals के रोजमर्रा के संचालन में भी है। इससे पहले भी Recruitment Rules को लेकर GMC Baramulla में कर्मचारियों ने Indefinite Strike की थी। उस दौरान कर्मचारियों ने बताया था कि पांच Medical Colleges में करीब 3,000 कर्मचारियों की Career Progression प्रभावित हो रही है। हालांकि मौजूदा 18 अगस्त वाले आंदोलन के संभावित प्रभाव को लेकर उपलब्ध स्रोत में सभी Hospital Services के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए यह स्पष्ट रूप से कहना उचित नहीं होगा कि Strike के दौरान कौन-कौन सी सेवाएं कितनी प्रभावित होंगी।यह भी पढ़ें: Antacid: गैस-एसिडिटी में राहत या बढ़ सकती है परेशानी? जानें सही इस्तेमाल
दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB ) सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।


01
02
03