13 सितंबर 2026 | वैश्विक स्वास्थ्य ब्रीफिंग
बच्चों तक बीमारी से बचाव और भरोसेमंद उपचार पहुंचाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की दो हालिया पहलों पर नजर है। पहली, शिशुओं को गंभीर श्वसन संक्रमण से बचाने वाली मातृ RSV वैक्सीन की बहु-खुराक शीशी से संबंधित है। दूसरी, बच्चों के कैंसर की जरूरी दवाओं के मूल्यांकन और आपूर्ति का रास्ता मजबूत करने की पहल है। यह ब्रीफिंग 13 सितंबर को प्रकाशित है; मूल घोषणाएं क्रमशः 9 और 4 सितंबर की हैं, आज हुई नई घोषणाएं नहीं।
RSV वैक्सीन: बहु-खुराक शीशी को प्रीक्वालिफिकेशन
WHO ने 9 सितंबर को बताया कि मातृ RSV वैक्सीन RSVpreF, जिसे ABRYSVO नाम से जाना जाता है, की बहु-खुराक शीशी को प्रीक्वालिफाई किया गया है। संगठन को उम्मीद है कि इस प्रस्तुति से टीकाकरण कार्यक्रम चलाना अधिक व्यावहारिक और किफायती हो सकेगा, विशेषकर गावी समर्थित देशों में। एकल-खुराक प्रस्तुति को मार्च 2025 में प्रीक्वालिफिकेशन मिला था।
मातृ टीकाकरण का उद्देश्य जन्म से पहले मां से बच्चे तक पहुंचने वाले एंटीबॉडी के जरिए जीवन के शुरुआती महीनों में सुरक्षा देना है। WHO के अनुमान के अनुसार RSV से पांच साल से कम उम्र के बच्चों में सालाना 36 लाख से अधिक अस्पताल भर्तियां और लगभग एक लाख मौतें होती हैं। संगठन के अनुसार अधिकांश मौतें निम्न और मध्यम आय वाले देशों में होती हैं।
यह घोषणा किसी भारतीय अस्पताल में तत्काल उपलब्धता, कीमत या राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल होने की पुष्टि नहीं करती। गर्भावस्था में टीकाकरण संबंधी व्यक्तिगत निर्णय स्थानीय दिशानिर्देशों और प्रसूति विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही लें।
बाल कैंसर की दवाएं: निर्माताओं के लिए मूल्यांकन का रास्ता
4 सितंबर के अपडेट में WHO ने बच्चों के कैंसर की दवाओं के निर्माताओं से उत्पाद मूल्यांकन के लिए रुचि-अभिव्यक्ति आमंत्रित करने की जानकारी दी। इसमें 12 जरूरी दवाएं शामिल हैं। छह के लिए बच्चों के अनुकूल रूप की जरूरत पहचानी गई है, जबकि अन्य छह को पहुंच और आपूर्ति की कमियों के कारण प्राथमिकता दी गई है।
बच्चों के लिए अनुकूल दवा का सवाल केवल छोटी खुराक का नहीं है। WHO ने उम्र के अनुसार उपयोग, स्वीकार्यता, स्थिरता, सुरक्षित संभाल और कीमत जैसे पहलुओं को भी महत्वपूर्ण बताया है। उद्देश्य विकास और खरीद को उन जरूरतों से जोड़ना है जो देशों और उपचार कार्यक्रमों में सामने आती हैं।
आमंत्रण जारी होना इन सभी उत्पादों को मंजूरी मिलने या मरीजों तक पहुंच जाने के बराबर नहीं है। उत्पादों को मूल्यांकन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। यह खबर किसी नए कैंसर इलाज की खोज या निश्चित उपचार सफलता की घोषणा भी नहीं है।
परिवारों के लिए इन खबरों का अर्थ
दोनों पहलें स्वास्थ्य सेवा की पहुंच से जुड़ी हैं, लेकिन उनका असर देश की खरीद व्यवस्था, नियामकीय निर्णय और अस्पतालों तक आपूर्ति पर निर्भर करेगा। परिवार उपचार कर रही टीम से उपलब्ध विकल्पों और दवाओं की निरंतर आपूर्ति के बारे में बात करें। ऑनलाइन खबर देखकर कैंसर की दवा बदलना, रोकना या स्वयं खरीदना उचित नहीं है।

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