CCTV in Medical Store: राजधानी दिल्ली में मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के सरकारी आदेश का विरोध शुरू हो गया है।
रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन केमिस्ट अलायंस (आरडीसीए) ने दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर इस आदेश को “मरीजों की निजता का उल्लंघन” बताते हुए वापस लेने की अपील की है। संगठन के अध्यक्ष संदीप नांगिया ने कहा कि कैमरों की मौजूदगी से मरीज दुकान पर आकर ऑफलाइन दवाएं खरीदने से कतराएंगे।
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने 26 जुलाई को आदेश जारी कर कहा था कि डॉक्टर के पर्चे के बिना “आदत डालने वाली” दवाओं की बिक्री रोकने के लिए मेडिकल स्टोर्स में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य किए जाएं। आदेश में बीएनएसएस की धारा 152 का हवाला देते हुए कहा गया कि शेड्यूल ‘एच’, ‘एच 1’ और ‘एक्स’ दवाएं बेचने वाले सभी मेडिकल स्टोर्स को कैमरे लगाने होंगे। फुटेज की जांच जिला ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी, एसडीएम या पुलिस किसी भी समय कर सकती है।
CCTV in Medical Store: आरडीसीए की आपत्ति
आरडीसीए ने अपने पत्र में लिखा है कि यह आदेश गंभीर संवैधानिक और कानूनी चिंताओं को जन्म देता है। संदीप नांगिया ने कहा, “अगर सरकार वाकई नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर गंभीर है, तो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्लेटफॉर्म पर समान नियम होने चाहिए।” उन्होंने आदेश को भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि सिर्फ दक्षिण जिले के अधिकारियों की ओर से दबाव डाला जा रहा है।
CCTV in Medical Store: विभाग की प्रतिक्रिया
ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि यह आदेश स्टेट लेवल नारकोटिक्स कंट्रोल पोर्टल (एनसीओआरडी) के निर्देश पर लागू हुआ है और यह सभी जिलों पर लागू होगा। अधिकारी ने कहा, “अगर एसोसिएशन को समस्या है, तो वह अदालत का रुख कर सकती है।”