नई दिल्ली, 4 जून 2026
भारत के ड्रग रेगुलेटर Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO) ने दवा निर्माताओं और मार्केटिंग कंपनियों के लिए Adverse Drug Reactions (ADR) तथा अन्य सुरक्षा संबंधी घटनाओं की रिपोर्टिंग को अनिवार्य कर दिया है। इस कदम का उद्देश्य दवाओं के उपयोग के दौरान सामने आने वाले संभावित जोखिमों की निगरानी को मजबूत करना और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
PV System रखना होगा अनिवार्य
नए नियमों के तहत सभी लाइसेंसधारक दवा कंपनियों को एक समर्पित Pharmacovigilance (PV) System स्थापित करना होगा। इसके जरिए कंपनियों को दवाओं से जुड़े प्रतिकूल प्रभावों की जानकारी एकत्रित करने, उनका विश्लेषण करने और नियामक प्राधिकरणों को समय पर रिपोर्ट भेजने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
नियुक्त करना होगा Qualified PV Officer
CDSCO के निर्देश के अनुसार कंपनियों को एक प्रशिक्षित और अधिकृत Pharmacovigilance Officer नियुक्त करना होगा। यह अधिकारी Adverse Drug Reactions की निगरानी, डेटा संग्रहण, मूल्यांकन और रिपोर्टिंग के लिए जिम्मेदार होगा।
नियामक एजेंसियां, जिनमें CDSCO और राज्य ड्रग नियंत्रण प्राधिकरण शामिल हैं, नियमित निरीक्षण के दौरान इन प्रावधानों के अनुपालन की जांच कर सकेंगी। नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों पर नियामकीय कार्रवाई की जा सकती है।

मरीजों की सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था दवाओं के बाजार में आने के बाद उनकी सुरक्षा की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाएगी। इससे दवाओं के संभावित दुष्प्रभावों की जल्द पहचान संभव होगी और आवश्यक होने पर समय रहते नियामकीय कदम उठाए जा सकेंगे। हाल के महीनों में CDSCO ने सुरक्षा डेटा रिपोर्टिंग और ADR मॉनिटरिंग से जुड़े कई निर्देश जारी किए हैं, जो देश की Pharmacovigilance व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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