नई दिल्ली, 4 अगस्त 2026
केंद्र सरकार ने Ayush Education की गुणवत्ता सुधारने के लिए पिछले तीन वर्षों में कई बड़े कदम उठाने की जानकारी दी है। Ayush Ministry ने बताया कि National Commission for Indian System of Medicine (NCISM) और National Commission for Homoeopathy (NCH) के माध्यम से आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी शिक्षा में नए नियम, आधुनिक पाठ्यक्रम और तकनीकी सुधार लागू किए गए हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि नए Ayush Medical Colleges की स्थापना की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों की है। Ayush राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
उत्तराखंड पर अपडेट
सरकार ने बताया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य राज्य का विषय होने के कारण नए Ayush Teaching Institutions स्थापित करने की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों की है। आवश्यकता होने पर National Ayush Mission (NAM) के तहत राज्यों को वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है। हालांकि, उत्तराखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नए Ayush शिक्षण संस्थान की स्थापना का कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार को नहीं भेजा है। वहीं, Central Council for Research in Ayurvedic Sciences (CCRAS) उत्तराखंड के रानीखेत (तारीखेत) स्थित Regional Ayurveda Research Institute (RARI) के माध्यम से अनुसंधान कार्य कर रहा है। फिलहाल राज्य में किसी नए अनुसंधान संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव नहीं है।
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शिक्षा में बड़े सुधार
सरकार के अनुसार, NCISM और NCH ने चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कई नए Regulations लागू किए हैं। इनमें Competency-Based Curriculum, Digital Learning, Learning Management System (LMS), Skill Labs, Research Methodology, National Teacher Eligibility Test (NTET) और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा दिया गया है। स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर भी पाठ्यक्रमों में व्यापक बदलाव किए गए हैं ताकि छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, अनुसंधान और आधुनिक तकनीकों का बेहतर अनुभव मिल सके। सरकार का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य Ayush शिक्षा को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है।
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Yoga और Research पर फोकस
सरकार ने बताया कि Ayush Ministry अपने स्वायत्त संस्थान Morarji Desai National Institute of Yoga (MDNIY) के माध्यम से Yoga Education को बढ़ावा दे रही है। इसके साथ ही आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी में Research, Faculty Training, Clinical Training, Digital Education और Evidence-Based Learning को मजबूत करने के लिए कई पहल की गई हैं। सरकार का कहना है कि इन प्रयासों का उद्देश्य Ayush चिकित्सा शिक्षा को अधिक आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और अनुसंधान आधारित बनाना है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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