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पश्चिम बंगाल के 71 मेडिकल कॉलेजों में NMC गाइडलाइंस का उल्लंघन

पश्चिम बंगाल के 71 मेडिकल कॉलेजों में NMC गाइडलाइंस का उल्लंघन

NMC: केंद्र सरकार ने संसद में खुलासा किया है कि पश्चिम बंगाल के 71 मेडिकल कॉलेजों ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के दिशा-निर्देशों का गंभीर उल्लंघन किया है। यह खुलासा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब के दौरान किया।

मंत्री ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 34 और 2025-26 में 37 मेडिकल कॉलेजों को संकाय, बुनियादी ढांचे और क्लीनिकल मापदंडों के मामले में अपूर्ण पाया गया। इन कॉलेजों को शो-कॉज नोटिस जारी किए गए और कई मामलों में मौद्रिक जुर्माना भी लगाया गया। 2025-26 के लिए संबंधित कॉलेजों की अनुपालन रिपोर्टों की समीक्षा के बाद सशर्त रूप से एमबीबीएस सीटों का नवीनीकरण किया गया।

संजीवन मेडिकल कॉलेज, हावड़ा बिना मान्यता के चला रहा है संचालन

सबसे गंभीर मामलों में से एक में हावड़ा स्थित संजीवन हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज को बिना NMC की अनुमति के संचालित करते हुए पकड़ा गया है। इस पर 19 मई 2025 को NMC ने अलर्ट जारी कर छात्रों और अभिभावकों को ऐसे संस्थानों से सावधान रहने की सलाह दी जो झूठे दावे कर प्रवेश दे रहे हैं।

पीजी पाठ्यक्रमों में भी सख्ती, सीटों में कटौती

NMC के पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (PGMEB) ने संकाय की कमी, अव्यवस्थित बुनियादी ढांचा और बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के उल्लंघन जैसे कारणों से कई कॉलेजों की पीजी सीटें घटा दी हैं। यह कार्रवाई "मेडिकल एजुकेशन में मानकों के रख-रखाव संबंधी विनियम, 2023 (MSMER-2023)" के तहत की गई।

NMC के अंडर ग्रेजुएट बोर्ड (UGMEB) ने भी 19 मई 2025 को एक एडवाइजरी जारी कर देशभर में बिना मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों के खिलाफ चेतावनी दी।

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राज्यसभा में उठे सवाल

भाजपा सांसद समीक भट्टाचार्य ने राज्यसभा में सवाल किया था कि –

a) क्या केंद्र सरकार को पश्चिम बंगाल के निजी मेडिकल कॉलेजों द्वारा एनएमसी दिशा-निर्देशों के उल्लंघन की जानकारी है?
b) बीते तीन वर्षों में इस प्रकार के उल्लंघन का ब्यौरा क्या है, और क्या कुछ संस्थान बिना अनुमति के संचालित हो रहे हैं?
c) क्या संजीवन हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज बिना एनएमसी मान्यता के चल रहा है, और क्या कार्रवाई हुई?
d) कितने सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों को दंड, शो-कॉज नोटिस या सीट कटौती की चेतावनी दी गई है?
e) छात्रों की सुरक्षा हेतु सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?

इसके जवाब में मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया कि सरकार ने NMC के माध्यम से दोषी पाए गए कॉलेजों को नोटिस जारी कर कड़ी कार्रवाई की है।

कई प्रतिष्ठित सरकारी कॉलेज भी दोषी पाए गए

राज्यसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, बैंकुरा, बर्दवान, मिदनापुर, कोलकाता समेत कई प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों को NMC द्वारा दंडित किया गया है। कुछ प्रमुख कॉलेजों और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई नीचे दी गई है:

सीट कटौती की विस्तृत सूची:

क्रम संख्या कॉलेज का नाम कोर्स (पुरानी सीट → नई सीट) आदेश की तारीख खामियां 1 बांकुरा सम्मिलनी मेडिकल कॉलेज MD - एनेस्थेसियोलॉजी (11 → 9) 29.12.2023 फैकल्टी की कमी MD - जनरल मेडिसिन (5 → 4) 29.12.2023 फैकल्टी की कमी, वर्कलोड कम MS - जनरल सर्जरी (17 → 14) 12.01.2024 फैकल्टी, ओटी, इमरजेंसी डिपार्टमेंट की कमी MD - पीडियाट्रिक्स (5 → 4) 03.01.2024 फैकल्टी की कमी 2 मिदनापुर मेडिकल कॉलेज MD - एनेस्थेसियोलॉजी (8 → 7) 29.12.2023 फैकल्टी की कमी MD - जनरल मेडिसिन (15 → 11) 29.12.2023 फैकल्टी की कमी 3 बर्धमान मेडिकल कॉलेज MD - DVL (3 → 2) 27.03.2024 बेड और बेड ऑक्यूपेंसी की कमी MS - जनरल सर्जरी (18 → 16) 29.12.2023 फैकल्टी की कमी 4 आईपीजीएमईआर कोलकाता MD - जनरल मेडिसिन (15 → 14) 05.04.2024 फैकल्टी की कमी MS - जनरल सर्जरी (19 → 17) 02.01.2024 फैकल्टी की कमी 5 नील रतन सरकार मेडिकल कॉलेज MD - जनरल मेडिसिन (12 → 10) 04.12.2023 फैकल्टी की कमी 6 आरजी कर मेडिकल कॉलेज MS - स्त्री एवं प्रसूति रोग (25 → 22) 29.12.2023 सर्जिकल लोड कम MD - रेस्पिरेटरी मेडिसिन (10 → 8) 03.01.2024 बेड की संख्या कम 7 मेडिकल कॉलेज, कोलकाता MD - रेस्पिरेटरी मेडिसिन (6 → 5) 25.01.2024 फैकल्टी की कमी

सरकार की कड़ी चेतावनी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल शिक्षा में गुणवत्ता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना मान्यता के संस्थानों पर कार्रवाई के साथ-साथ छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए NMC लगातार निगरानी रख रही है। भविष्य में भी ऐसे कॉलेजों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सरकार का जवाब और आगे की कार्रवाई

MP समीक भट्टाचार्य द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में केंद्र ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन कॉलेजों ने जरूरी डेटा, इन्फ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी या स्टाइपेंड के मानकों का पालन नहीं किया, उनके खिलाफ न केवल जुर्माना लगाया गया, बल्कि कुछ को सीटें घटाने की चेतावनी भी दी गई। वहीं जिन कॉलेजों ने समय रहते अनुपालन रिपोर्ट दी, उन्हें सशर्त MBBS सीट नवीनीकरण दिया गया।

छात्रों की सुरक्षा के लिए चेतावनी जारी

NMC ने 19 मई 2025 को एक सार्वजनिक सलाह जारी करते हुए सभी छात्रों और अभिभावकों से अनुरोध किया कि वे किसी भी ऐसे मेडिकल कॉलेज में दाखिला न लें जो NMC से मान्यता प्राप्त न हो। बिना मान्यता वाले कॉलेजों में दाखिला न केवल अवैध है, बल्कि छात्रों का भविष्य भी संकट में डाल सकता है।