Subscribe to get Updates
  • Login
Medical Reporter
No Result
View All Result
  • Home
  • खबरें
    • राष्ट्रीय ख़बरें
    • दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • हिमाचल
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
  • डायग्नोज
    • एलोपैथी
    • होम्योपैथी
    • आयुर्वेदिक
    • यूनानी
    • योगा एवं प्राकृतिक चिकित्सा
    • स्वस्थ आहार
    • सौंदर्य
  • नए उत्पाद
    • नई दवाएं
    • सर्जिकल आइटम
    • फिटनेस उपकरण
    • सौंदर्य प्रसाधन
    • मेडिकल डिवाइस
  • मेडिकल कानून
    • कोर्ट की खबरें
    • सरकारी नीतियां
    • नए कानून
    • शासनादेश
  • करियर
    • पैरामेडिकल एवं नर्सिंग कोर्स
    • नए अवसर
    • मेडिकल स्टोर व्यवसाय
    • फ्रेंचाइजी-थर्ड पार्टी
    • पैथोलॉजी सेंटर
    • मार्केटिंग क्षेत्र
    • मेडिकल रिसर्च
  • एक्स्पर्ट्स
    • मेडिकल की पाठशाला
  • Home
  • खबरें
    • राष्ट्रीय ख़बरें
    • दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • हिमाचल
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
  • डायग्नोज
    • एलोपैथी
    • होम्योपैथी
    • आयुर्वेदिक
    • यूनानी
    • योगा एवं प्राकृतिक चिकित्सा
    • स्वस्थ आहार
    • सौंदर्य
  • नए उत्पाद
    • नई दवाएं
    • सर्जिकल आइटम
    • फिटनेस उपकरण
    • सौंदर्य प्रसाधन
    • मेडिकल डिवाइस
  • मेडिकल कानून
    • कोर्ट की खबरें
    • सरकारी नीतियां
    • नए कानून
    • शासनादेश
  • करियर
    • पैरामेडिकल एवं नर्सिंग कोर्स
    • नए अवसर
    • मेडिकल स्टोर व्यवसाय
    • फ्रेंचाइजी-थर्ड पार्टी
    • पैथोलॉजी सेंटर
    • मार्केटिंग क्षेत्र
    • मेडिकल रिसर्च
  • एक्स्पर्ट्स
    • मेडिकल की पाठशाला
No Result
View All Result
Medical Reporter
No Result
View All Result
Home मुख्य समाचार-खबरें Medical Reporter

CDSCO का अलर्ट: मई 2025 में 58 दवा बैच फेल, स्वास्थ्य सुरक्षा पर मंडराया खतरा

admin by admin
June 25, 2025
in Medical Reporter
CDSCO का अलर्ट: मई 2025 में 58 दवा बैच फेल, स्वास्थ्य सुरक्षा पर मंडराया खतरा
Share on FacebookShare on Twitter

CDSCO: किसी भी देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की नींव उसके दवा नियामक संस्थानों पर टिकी होती है। भारत में यह ज़िम्मेदारी केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (Central Drugs Standard Control Organisation – CDSCO) के कंधों पर है।

यह संस्था देशभर में दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता की निगरानी करती है। हर महीने CDSCO विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से दवा सैंपल लेकर उन्हें विश्लेषण के लिए प्रयोगशालाओं में भेजती है और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करती है।

CDSCO द्वारा मई 2025 में जारी की गई मासिक रिपोर्ट के अनुसार:

  • कुल 1,321 दवा सैंपल का परीक्षण किया गया।
  • इनमें से 58 दवाओं के बैच गुणवत्ता परीक्षण में फेल हो गए।
  • एक सैंपल को “Misbranded” के रूप में चिह्नित किया गया।
  • बाकी 1,262 सैंपल मानक गुणवत्ता के पाए गए।

यह आंकड़ा स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी है, क्योंकि इन फेल बैचों में अधिकांश दवाएं रोज़मर्रा की चिकित्सा में प्रयोग की जाती हैं।

कौन-कौन सी दवाएं शामिल हैं?

गुणवत्ता परीक्षण में फेल हुए बैचों में निम्नलिखित प्रकार की दवाएं पाई गई हैं:

  • एंटीबायोटिक्स:
    • Amoxicillin
    • Cefixime
    • Azithromycin
  • दर्द निवारक और फीवर कंट्रोल दवाएं:
    • Paracetamol
    • Aceclofenac
    • Diclofenac Sodium
  • गैस्ट्रिक समस्याओं की दवाएं:
    • Pantoprazole
    • Ranitidine
    • Domperidone
  • मनःचिकित्सक दवाएं और इंजेक्शन:
    • Ondansetron
    • Chlorpheniramine Maleate
    • Methylcobalamin
  • टीकाकरण और आंख-कान की बूंदें भी शामिल हैं।

इनमें से कई दवाएं जीवन रक्षक (Life Saving Drugs) के श्रेणी में आती हैं, जो यदि मानक के अनुसार न हों, तो गंभीर दुष्प्रभाव पैदा कर सकती हैं।

यह भी पढ़ें: TFYC: तंबाकू मुक्त युवा अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अरुणाचल प्रदेश को पुरस्कार

राज्यवार सैंपल और फेल बैचों का वितरण

फेल हुए दवा बैच पूरे देश से सैंपल किए गए थे। जिन राज्यों से अधिक संख्या में निम्न-गुणवत्ता वाले बैच सामने आए, वे हैं:

  • हिमाचल प्रदेश: दवा निर्माण हब होने के कारण यहाँ से सबसे अधिक फेल बैच सामने आए।
  • उत्तर प्रदेश और हरियाणा: कई कंपनियों के बैच गुणवत्ता जांच में फेल हुए।
  • कर्नाटक और तेलंगाना: फार्मा उद्योग के गढ़ माने जाने वाले इन राज्यों से भी दोषपूर्ण बैच मिले।
  • दिल्ली और राजस्थान: प्रमुख अस्पतालों और डिस्ट्रीब्यूशन केंद्रों से सैंपल फेल हुए।

गुणवत्ता जांच में फेल का अर्थ क्या है?

जब कोई दवा “Not of Standard Quality (NSQ)” घोषित की जाती है, तो इसका अर्थ यह होता है कि वह:

  • निर्धारित Active Pharmaceutical Ingredient (API) की मात्रा में कमी या अधिकता रखती है।
  • उसमें विलयन, रंग, गंध, स्थिरता में दोष पाया गया।
  • वह निर्धारित समय तक प्रभावी नहीं रहती (Shelf life की समस्या)।
  • वह अशुद्धियों (Impurities, Heavy Metals आदि) से ग्रसित है।

स्वास्थ्य पर प्रभाव और जोखिम

NSQ दवाएं मरीज़ों के लिए अत्यंत खतरनाक हो सकती हैं:

  • बीमारी का सही उपचार नहीं होता, जिससे रोग और जटिल हो सकता है।
  • रोगाणुरोधक (Antibiotic) दवाओं की NSQ स्थिति एंटीबायोटिक रेज़िस्टेंस पैदा करती है।
  • बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुज़ुर्गों के लिए ये और भी जानलेवा हो सकती हैं।
  • किसी टीके या इंजेक्शन की खराब गुणवत्ता से एलर्जी, रिएक्शन या मृत्यु तक हो सकती है।

फार्मेसियों और अस्पतालों के लिए चेतावनी

CDSCO ने राज्य औषधि नियंत्रकों को निर्देश दिया है कि वे:

  • सभी अस्पतालों और दवा दुकानों को सूचित करें कि ये बैच बाज़ार से वापस लिए जाएं।
  • इन दवाओं की रिटेल और स्टॉकिस्ट लेवल पर पहचान कर तत्काल जब्ती की कार्रवाई करें।
  • आम नागरिकों को बैच नंबर जांच कर सतर्क रहने के लिए प्रेरित करें।

 

CDSCO की कार्रवाई और दायित्व

CDSCO केवल सैंपल परीक्षण करता है, लेकिन उत्पादन पर सीधे प्रतिबंध लगाने के लिए राज्य औषधि नियंत्रकों और ड्रग इंस्पेक्टर्स की भूमिका प्रमुख होती है। संस्था ने दोषपूर्ण बैचों को लेकर नोटिस जारी किए हैं और संबंधित कंपनियों से स्पष्टीकरण मांगा है।

इसके अतिरिक्त, कुछ मामलों में प्रोसेक्यूशन या लाइसेंस सस्पेंशन की कार्रवाई भी की जा सकती है, यदि दोष गंभीर पाया जाए।

क्या करें आम नागरिक?

  1. अपने द्वारा ली गई दवाओं के बैच नंबर ज़रूर जांचें।
  2. कोई संदिग्ध दवा दिखे या असामान्य प्रभाव हो तो तुरंत डॉक्टर को सूचित करें।
  3. अपनी दवा केवल प्रमाणित फार्मेसी से ही खरीदें।
  4. स्थानीय ड्रग कंट्रोलर ऑफिस में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

नीति सुधार और सुझाव

  • फार्मा कंपनियों पर कड़े दंडात्मक प्रावधान लागू हों।
  • हर दवा में QR कोड आधारित ट्रेसिंग सिस्टम लागू किया जाए।
  • सरकारी अस्पतालों और स्टोरों में भी बैच स्कैनर की व्यवस्था हो।
  • छोटे फार्मा निर्माताओं को GMP (Good Manufacturing Practice) सख्ती से पालन कराना चाहिए।

निष्कर्ष

CDSCO की मई 2025 की रिपोर्ट यह साबित करती है कि भारत की दवा आपूर्ति श्रृंखला में अब भी गुणवत्ता को लेकर गंभीर खामियां मौजूद हैं। यह एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट का संकेत है, यदि इस पर समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो परिणाम भयावह हो सकते हैं।

सरकार, औषधि नियंत्रण एजेंसियाँ, फार्मा उद्योग और आम जनता सभी को मिलकर इस चुनौती का समाधान करना होगा ताकि भारत की चिकित्सा प्रणाली पर लोगों का भरोसा कायम रह सके।

बैकलिस्टेड बैच नंबर और निर्माता कंपनियाँ

NSQ-ALERT-MAY-2025
Advertisement Banner
Previous Post

TFYC: तंबाकू मुक्त युवा अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अरुणाचल प्रदेश को पुरस्कार

Next Post

AIIMS News: नियमों को ताक पर रखकर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचा रहे एम्स डॉक्टर!

admin

admin

Next Post
AIIMS News: नियमों को ताक पर रखकर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचा रहे एम्स डॉक्टर!

AIIMS News: नियमों को ताक पर रखकर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचा रहे एम्स डॉक्टर!

Discussion about this post

Recommended

Dehradun

Dehradun Tilak विवाद: मेडिकल कॉलेज में छात्रों के साथ क्या हुआ? NHRC ने कई अधिकारियों को भेजा नोटिस

4 weeks ago

What Your Legs Could Be Telling You About Your Heart Health

4 years ago

Don't Miss

UP NEET MDS Counselling

UP NEET MDS Counselling: DGME ने 13 Candidates पर लगाया Ban, जानिए वजह

August 5, 2026
Heart on Right Side

Heart on Right Side: 39 साल तक Rare Condition के साथ जीते रहे शख्स, Doctors ने किया सफल इलाज

August 5, 2026
WHO Cancer Warning

WHO Cancer Warning: Common Drugs को लेकर घबराएं नहीं, Doctors ने बताई बड़ी वजह

August 5, 2026
NEET PG

NEET PG Cutoff: Admission System की समीक्षा के लिए Centre ने बनाई 12 सदस्यीय Expert Committee

August 5, 2026
Medical Reporter

We bring you the best Medical Report that perfect for medical news! check out our website for details.
MedicalReporter.in एक विश्वसनीय और जानकारीपूर्ण ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहाँ आपको स्वास्थ्य और चिकित्सा से जुड़ी ताज़ा खबरें, नई रिसर्च, मेडिकल अपडेट्स और विशेषज्ञों की राय एक ही जगह पर मिलती है। इस वेबसाइट का उद्देश्य आम लोगों तक सही, प्रमाणिक और आसान भाषा में हेल्थ से जुड़ी जानकारी पहुँचाना है, ताकि वे अपनी सेहत के प्रति जागरूक और सचेत रह सकें।

यह प्लेटफॉर्म न केवल आम पाठकों के लिए उपयोगी है, बल्कि डॉक्टर, मेडिकल स्टूडेंट्स और हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए भी एक भरोसेमंद स्रोत है। MedicalReporter.in पर आपको बीमारियों, इलाज, नई दवाओं, हेल्थ टिप्स और मेडिकल इंडस्ट्री से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी समय-समय पर अपडेट के साथ मिलती रहती है।

Follow us

Recent News

UP NEET MDS Counselling

UP NEET MDS Counselling: DGME ने 13 Candidates पर लगाया Ban, जानिए वजह

August 5, 2026
Heart on Right Side

Heart on Right Side: 39 साल तक Rare Condition के साथ जीते रहे शख्स, Doctors ने किया सफल इलाज

August 5, 2026
WHO Cancer Warning

WHO Cancer Warning: Common Drugs को लेकर घबराएं नहीं, Doctors ने बताई बड़ी वजह

August 5, 2026
NEET PG

NEET PG Cutoff: Admission System की समीक्षा के लिए Centre ने बनाई 12 सदस्यीय Expert Committee

August 5, 2026

Categories

  • Medical Reporter
  • आयुर्वेदिक
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • एक्स्पर्ट्स
  • एलोपैथी
  • करियर
  • कोर्ट की खबरें
  • खबरें
  • डायग्नोज
  • दिल्ली
  • नई दवाएं
  • नए अवसर
  • नए उत्पाद
  • नए कानून
  • पंजाब
  • फिटनेस उपकरण
  • बिहार
  • मार्केटिंग क्षेत्र
  • मुख्य समाचार-खबरें
  • मेडिकल कानून
  • मेडिकल की पाठशाला
  • मेडिकल डिवाइस
  • मेडिकल रिसर्च
  • यूनानी
  • योगा एवं प्राकृतिक चिकित्सा
  • राजस्थान
  • राष्ट्रीय ख़बरें
  • शासनादेश
  • सरकारी नीतियां
  • सर्जिकल आइटम
  • सौंदर्य
  • स्वस्थ आहार
  • हरियाणा
  • हिमाचल
  • होम्योपैथी
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2026 Medical Reporter.

No Result
View All Result
  • Home
  • खबरें
    • राष्ट्रीय ख़बरें
    • दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • हिमाचल
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
  • डायग्नोज
    • एलोपैथी
    • होम्योपैथी
    • आयुर्वेदिक
    • यूनानी
    • योगा एवं प्राकृतिक चिकित्सा
    • स्वस्थ आहार
    • सौंदर्य
  • नए उत्पाद
    • नई दवाएं
    • सर्जिकल आइटम
    • फिटनेस उपकरण
    • सौंदर्य प्रसाधन
    • मेडिकल डिवाइस
  • मेडिकल कानून
    • कोर्ट की खबरें
    • सरकारी नीतियां
    • नए कानून
    • शासनादेश
  • करियर
    • पैरामेडिकल एवं नर्सिंग कोर्स
    • नए अवसर
    • मेडिकल स्टोर व्यवसाय
    • फ्रेंचाइजी-थर्ड पार्टी
    • पैथोलॉजी सेंटर
    • मार्केटिंग क्षेत्र
    • मेडिकल रिसर्च
  • एक्स्पर्ट्स
    • मेडिकल की पाठशाला

© 2026 Medical Reporter.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In