सात वर्षों तक बैंक से लिए गए कर्ज पर ब्याज की 50 प्रतिशत धनराशि जो कि अधिकतम प्रति वर्ष एक करोड़ से अधिक नहीं होगी, सरकार अनुदान के रूप में देगी। यानी कुल सात करोड़ रुपये तक की मदद करेगी। ऐसे में दवा व चिकित्सा उपकरण बनाने के लिए बड़ी संख्या में कंपनियां यूपी की ओर रुख करेंगी। फार्मा व मेडिकल डिवाइस पार्क बड़ी संख्या में स्थापित होंगे।
इस नई नीति के तहत विशेष रूप से अत्याधुनिक सुविधाओं की स्थापना और शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग करके अनुसंधान व विकास के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने पर जोर दिया जाएगा। फार्मास्युटिकल व मेडिकल डिवाइस सेक्टर को विशेष तकनीक के साथ-साथ जरूरी सुविधाएं दिलाई जाएंगी। यूपी को फार्मा हब बनाने की तैयारी की जा रही है।
कंपनियां करेंगी 28,402 करोड़ का निवेश
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 में 212 कंपनियों ने दवा और चिकित्सा उपकरण निर्माण के क्षेत्र में रुचि दिखाई है। यह कंपनियां कुल 28,402 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी और 57 हजार लोगों को इससे रोजगार मिलेगा। यानी प्रदेश में दवा निर्माण व चिकित्सा उपकरण निर्माण को तेजी से बढ़ावा मिलेगा।

01
02
03