Zydus: फार्मास्युटिकल कंपनी ज़ायडस हेल्थकेयर लिमिटेड की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, दिल्ली सरकार के ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने राजधानी के एक थोक दवा विक्रेता से नकली थ्रॉम्बोफॉब मरहम के 1,288 ट्यूब जब्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत 2.5 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
थ्रॉम्बोफॉब मरहम (Thrombophob Ointment) का उपयोग रक्त के थक्कों के कारण होने वाली नसों की सूजन (thrombophlebitis) के इलाज में किया जाता है। यह मरहम Heparin Sodium और Benzyl Nicotinate से बना होता है और दर्द, सूजन कम करने और तेजी से ठीक होने में मदद करता है।
Zydus की शिकायत, भागीरथ में छापा
ज़ायडस हेल्थकेयर ने दिल्ली बाजार में नकली थ्रॉम्बोफॉब मरहम की मौजूदगी की सूचना अधिकारियों को दी थी। कंपनी के अलर्ट के बाद, विभाग की इंटेलिजेंस सेल ने इनपुट को और विकसित किया और चांदनी चौक इलाके में स्थित एक संदिग्ध थोक व्यापारी की पहचान की।
ड्रग्स कंट्रोलर दानिश अशरफ, IAS के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई, जिसका नेतृत्व एक उप ड्रग्स कंट्रोलर ने किया। इस टीम में असिस्टेंट ड्रग्स कंट्रोलर और ड्रग्स इंस्पेक्टर्स शामिल थे।
टीम ने बुधवार को भागीरथ पैलेस स्थित "क्यारा फार्मास्यूटिकल्स" नामक थोक दवा विक्रेता के ठिकाने पर छापेमारी की।
QR कोड स्कैनिंग से हुआ खुलासा
जांच के दौरान टीम को 1,408 ट्यूब थ्रॉम्बोफॉब मरहम के मिले। इन पर लगे QR कोड्स की स्कैनिंग की गई, जो कि भारत सरकार द्वारा 1 अगस्त 2023 से शीर्ष 300 ब्रांड्स के लिए अनिवार्य की गई ट्रेसबिलिटी फीचर के तहत की गई थी। स्कैनिंग में पाया गया कि कोड्स नकली थे और वे ज़ायडस द्वारा उत्पन्न डेटा से मेल नहीं खा रहे थे।
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत कार्रवाई करते हुए मौके से 1,288 ट्यूब जब्त की गईं और सैंपल जांच के लिए भेजे गए। जब्त की गई नकली दवाओं की बाज़ार कीमत 2.5 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
आगे की जांच जारी
ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।